असम: दुर्लभ कछुए का बचाव और संरक्षण में जनभागीदारी

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गुवाहाटी: असम की समृद्ध जैव विविधता के संरक्षण में हाल के दिनों में जनभागीदारी पर आधारित संरक्षण प्रयास महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इसी क्रम में हाल ही में ब्रह्मपुत्र नदी के किनारे स्थित पांडु क्षेत्र से एक दुर्लभ कछुए को बचाया गया। ‘ट्रिकारिनेट हिल टर्टल’ नामक यह कछुआ सामान्यतः पर्वतीय क्षेत्रों में पाया जाता है, ऐसा वन विभाग के सूत्रों ने बताया।
बचाव के बाद कछुए को आवश्यक चिकित्सा और उचित देखभाल प्रदान की गई। स्वास्थ्य सामान्य होने के बाद उसी दिन रात में उसे सुरक्षित रूप से गड़भंगा आरक्षित वन क्षेत्र में ले जाकर छोड़ दिया गया।
स्थानीय स्तर पर पाए जाने वाले ऐसे दुर्लभ वन्यजीवों का संरक्षण असम की विशिष्ट प्राकृतिक संपदा और जैव विविधता की रक्षा करना है। इन प्रजातियों का संरक्षण भावी पीढ़ियों के लिए समृद्ध प्राकृतिक विरासत सुरक्षित रखने में महत्वपूर्ण योगदान देगा।
दुर्लभ कछुए के मिलने की सूचना संबंधित अधिकारियों को देकर बचाव कार्य में सहयोग करने के लिए भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण के कर्मचारियों तथा उपचार से लेकर सुरक्षित पुनर्वास तक जिम्मेदारीपूर्वक कार्य करने वाले वन विभाग के कर्मचारियों के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया गया।

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