गुवाहाटी: असम में मौजूदा बाढ़ की स्थिति को देखते हुए कोकराझार जिले के नदी तटीय और दुर्गम क्षेत्रों में आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं को सुलभ बनाने के लिए ‘नाव एम्बुलेंस’ (नौका एम्बुलेंस) सेवा की शुरुआत की गई है। एनटीपीसी बोंगईगांव की कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) पहल के तहत कई नाव एम्बुलेंस को सेवा में उतारा गया है। असम के मुख्यमंत्री हिमन्त विश्व शर्मा के अनुसार, इस मानवीय प्रयास का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि भीषण बाढ़ के संकट के बीच भी आम नागरिकों के लिए स्वास्थ्य सेवाएं बाधित न हों।
इस जल परिवहन एम्बुलेंस सेवा की शुरुआत से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के ग्रामीण इलाकों, विशेषकर गर्भवती महिलाओं, बच्चों, वरिष्ठ नागरिकों और गंभीर रूप से बीमार मरीजों के लिए आपातकालीन चिकित्सा प्राप्त करना बेहद आसान हो जाएगा। बाढ़ के कारण सड़क मार्ग से कटे सुदूर क्षेत्रों में यह एम्बुलेंस सेवा संकट के समय एक नई उम्मीद बनकर उभरी है, जिससे समय पर मरीजों को बड़े अस्पतालों तक पहुंचाकर उनकी जान बचाई जा सकेगी।










