अरुणाचल में भारत की पहली ‘नदी गतिज ऊर्जा’ परियोजना, नॉर्वे की कंपनी के साथ समझौता

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​ईटानगर//नई दिल्ली: अरुणाचल प्रदेश ने सतत विकास और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक और ऐतिहासिक कदम बढ़ाया है। राज्य में भारत की पहली ‘नदी गतिज ऊर्जा प्रदर्शन परियोजना’ (रिवर काइनेटिक एनर्जी डेमोंस्ट्रेशन प्रोजेक्ट) शुरू करने के लिए नॉर्वे की प्रतिष्ठित कंपनी ‘टाइडल सेल एएस’ के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए हैं।
​नदी प्रणालियों के पारिस्थितिक संतुलन को सुरक्षित रखते हुए स्वच्छ ऊर्जा का दोहन करने के उद्देश्य से यह दूरगामी पहल की गई है। इस ऐतिहासिक साझेदारी के लिए विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री दासंगलू पुल, ‘सेंटर फॉर अर्थ साइंसेज एंड हिमालयन स्टडीज’ (सीईएसएंडएचएस) और नॉर्वेजियन सहयोगियों को बधाई दी गई है।
​प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के साथ-साथ हरित ऊर्जा उत्पादन की दिशा में यह सहयोग आने वाले वर्षों में नवीन और प्रकृति-अनुकूल तकनीकी समाधानों का मार्ग प्रशस्त करेगा।

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