‘अमृत काल’ बना ‘मृत काल’, धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफे की मांग: नीट विवाद पर खरगे का बड़ा हमला

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​नई दिल्ली: नीट-यूजी परीक्षा में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक को लेकर देशव्यापी विवाद के बीच कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। खरगे ने मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार का तथाकथित ‘अमृत काल’ देश के छात्रों के लिए ‘मृत काल’ साबित हो रहा है। उन्होंने इस विफलता की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से तुरंत इस्तीफे की मांग की है।
​कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि लगातार हो रही पेपर लीक की घटनाओं ने करोड़ों छात्रों के भविष्य को अंधकार में धकेल दिया है। इस अव्यवस्था के कारण कई छात्र-छात्राएं भारी मानसिक दबाव में हैं और आत्महत्या जैसा आत्मघाती कदम उठाने को मजबूर हो रहे हैं। खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुप्पी पर भी सवाल उठाए और मांग की कि वे इस मुद्दे पर सामने आएं और ‘परीक्षा-लीक पर चर्चा’ करें। उन्होंने दावा किया कि पिछले कुछ वर्षों में देश में 90 से अधिक प्रश्नपत्र लीक हो चुके हैं, जिससे करोड़ों परिवार प्रभावित हुए हैं और सरकार निष्पक्ष एवं पारदर्शी परीक्षा कराने में पूरी तरह विफल रही है।
​इसी मामले पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने भी शिक्षा मंत्रालय की कार्यप्रणाली को अक्षम और पक्षपातपूर्ण करार दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि संसद की स्थायी समिति द्वारा दी गई सिफारिशों को लगातार नजरअंदाज किया गया, जिसके कारण यह संकट गहराया है। कांग्रेस नेताओं ने संयुक्त रूप से सरकार पर आरोप लगाया कि वह पेपर लीक के असली दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने के बजाय उन्हें संरक्षण दे रही है, जिससे हर साल देश के होनहार युवाओं का भविष्य दांव पर लग रहा है।

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