ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज ऑलराउंडर ग्लेन मैक्सवेल द्वारा अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास की घोषणा

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​नई दिल्ली: ऑस्ट्रेलिया के विध्वंसक ऑलराउंडर ग्लेन मैक्सवेल ने अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास की घोषणा कर दी है। इसके साथ ही एक दशक से अधिक लंबे उनके अंतर्राष्ट्रीय करियर का अंत हो गया है। इस ३८ वर्षीय क्रिकेटर ने घरेलू प्रथम श्रेणी और लिस्ट ए क्रिकेट से भी विदा ले ली है। वे बिग बैश लीग (बीबीएल) में मेलबर्न स्टार्स की ओर से खेलना जारी रखेंगे, जहाँ उनका २०२७-२८ सीजन तक का अनुबंध है।
​मैक्सवेल ने ऑस्ट्रेलिया के लिए तीनों प्रारूपों (टेस्ट, वनडे और टी२०) को मिलाकर कुल २८६ मैच खेले। इस अवधि में उन्होंने ७२२६ रन बनाने के साथ-साथ १३६ विकेट भी लिए। ‘द बिग शो’ के नाम से चर्चित मैक्सवेल ऑस्ट्रेलिया की २०१५ और २०२३ वनडे वर्ल्ड कप विजेता टीमों के महत्त्वपूर्ण सदस्य रहे थे। इसके अलावा वे २०२१ में टी२० वर्ल्ड कप जीतने वाली ऑस्ट्रेलियाई टीम का भी हिस्सा रहे।
​मैक्सवेल ने ‘द फाइनल वर्ड’ पॉडकास्ट में अपने संन्यास के बारे में कहा, “यह फैसला सामान्य रूप से दुखद है, लेकिन कहीं न कहीं इसकी उम्मीद भी थी। मैं अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट के साथ-साथ विक्टोरिया के लिए ५० ओवर और ४ दिवसीय घरेलू क्रिकेट से भी संन्यास की घोषणा कर रहा हूँ। लाल गेंद के क्रिकेट को संपूर्ण रूप से छोड़ने का फैसला शायद किसी को चकित नहीं करेगा।”
​ग्लेन मैक्सवेल ने साल २०१२ में अफगानिस्तान के खिलाफ वनडे मैच के साथ अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण (डेब्यू) किया था। इसके बाद उन्होंने अपनी आक्रामक बैटिंग, असाधारण पावर हिटिंग और अनोखे शॉट्स के दम पर दुनिया के सबसे विध्वंसक बैटर्स में अपनी पहचान बनाई। मैक्सवेल में अपनी विध्वंसक बैटिंग के साथ किसी भी समय मैच का रुख बदलने की क्षमता थी। इसके अलावा उपयोगी स्पिनर और मैदान पर उत्कृष्ट फील्डिंग ने उन्हें एक संपूर्ण ऑलराउंडर बनाया।
​मैक्सवेल के नाम टी२० अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में सर्वाधिक शतक बनाने का संयुक्त रिकॉर्ड दर्ज है। मैक्सवेल और भारत के रोहित शर्मा ने इस प्रारूप में ५-५ शतक बनाए हैं। उनकी आक्रामक बैटिंग ने कई बार ऑस्ट्रेलिया को मुश्किल परिस्थितियों से बाहर निकाला था। सीमित ओवरों के क्रिकेट में उनका योगदान ऑस्ट्रेलियाई टीम के लिए महत्त्वपूर्ण रहा।
​मैक्सवेल के करियर की सबसे यादगार पारी २०२३ वनडे विश्व कप में अफगानिस्तान के खिलाफ मैच में आई थी, जहाँ उन्होंने नाबाद २०१ रन बनाकर ऑस्ट्रेलिया को ऐतिहासिक जीत दिलाई थी। उनकी उस पारी को वनडे इतिहास की सबसे स्मरणीय पारियों में से एक माना जाता है। मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में २९२ रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए एक समय ९१ रन पर ७ विकेट गंवाकर ऑस्ट्रेलिया चरम संकट में था। इसके बाद मैक्सवेल ने शारीरिक अस्वस्थता के बावजूद अंत तक संघर्ष करते हुए १२८ गेंदों में नाबाद २०१ रनों की ऐतिहासिक पारी खेलकर ऑस्ट्रेलिया को ३ विकेट से जीत दिलाई थी। उस समय मैक्सवेल ने कप्तान पैट कमिंस के साथ आठवें विकेट के लिए २०२ रनों की अटूट साझेदारी की थी। उस साझेदारी में कमिंस का योगदान केवल नाबाद १२ रन था।
​मैक्सवेल का टेस्ट करियर अपेक्षाकृत छोटा रहा। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के लिए ७ टेस्ट मैच खेले। उन्होंने अपना अंतिम टेस्ट मैच साल २०१७ में खेला था। इसके बाद उन्होंने मुख्य रूप से सीमित ओवरों के क्रिकेट पर ध्यान केंद्रित किया था, जहाँ उनका प्रदर्शन प्रभावशाली रहा। उन्होंने २०२५ चैंपियंस ट्रॉफी के बाद वनडे क्रिकेट से संन्यास ले लिया था। वनडे क्रिकेट में उनके नाम ३९९० रन दर्ज हैं। इसी प्रकार उनका अंतिम टी२० अंतर्राष्ट्रीय मैच इस साल फरवरी में ओमान के खिलाफ था। मैक्सवेल ने अपने टी२० अंतर्राष्ट्रीय करियर में १३० मैच खेलकर २८९७ रन बनाए।

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