केंद्रीय मंत्री ने मत्स्य पालन और पशुपालन में विकास की संभावनाओं का लिया जायजा

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​मंगन। केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्री श्री राजीव रंजन सिंह ने आज मंगन जिले का दौरा किया और मत्स्य पालन, पशुपालन तथा संबद्ध क्षेत्रों में विकास के अवसरों पर चर्चा करने के लिए किसानों, सहकारी समितियों और अन्य हितधारकों के साथ बातचीत की।
​उत्तरी जिले में आगमन पर केंद्रीय मंत्री का मंगन के अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट (ए.डी.एम.) श्री पेमा वांगचेन नामकार्पा ने गर्मजोशी से स्वागत किया। इसके पश्चात मंत्री जी ने अपने दौरे की शुरुआत तिंगदा सरकारी प्राथमिक विद्यालय से की, जहाँ कबी लुंगचोक के विधायक श्री टी.टी. भोटिया, अध्यक्ष श्री कादो लेप्चा और उपाध्यक्ष श्रीमती सोनाम किपा भोटिया ने उनका स्वागत किया।
​इस अवसर पर सिक्किम सरकार के मत्स्य पालन, पशुपालन और पशु चिकित्सा सेवा मंत्री श्री पुरन कुमार गुरुंग, भारत सरकार के मत्स्य पालन विभाग के सचिव डॉ. अभिलक्ष लिखी, भारत सरकार के मत्स्य पालन विभाग की संयुक्त सचिव श्रीमती गुंजन कृष्णा, सिक्किम सरकार के मत्स्य पालन विभाग की सचिव श्रीमती रोशनी बी.सी. राय, सिक्किम सरकार के पशुपालन एवं पशु चिकित्सा सेवा के पी.डी.-सह-सचिव डॉ. संदीप गुरुंग, मंगन के पुलिस अधीक्षक (एस.पी.) श्री रिंगजिंग चोपेल राय, मुख्य अभियंता (सी.ई.) श्री विजय कुमार बेहेरा, मत्स्य विभाग के उप निदेशक श्री नितेश गुरुंग, सहायक निदेशक श्रीमती गौरी मुखिया, सहायक निदेशक श्री उगेन त्सेटेन भोटिया सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
​रामथांग पी.एच.एस.सी. एवं वैलनेस सेंटर में मंत्री जी ने सिरी साँड, सिरी गायों और विभिन्न स्थानीय उत्पादों को प्रदर्शित करने वाली एक प्रदर्शनी का अवलोकन किया, जिसने क्षेत्र की स्वदेशी पशुधन और कृषि क्षमता को रेखांकित किया। उन्होंने देशी सिरी मवेशी नस्ल के आनुवंशिक सुधार और संरक्षण को सुगम बनाने के लिए एक समर्पित ‘सिरी कैटल कीपर सेंटर’ स्थापित करने का सुझाव दिया। उन्होंने पशुधन उत्पादकता बढ़ाने, स्थानीय डेयरी क्षेत्र को मजबूत करने और आजीविका के बेहतर अवसर पैदा करने के लिए किसानों के बीच उन्नत मवेशियों को वितरित करने का भी प्रस्ताव रखा।
​इसके बाद, मंत्री जी ने मंगशिला में प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (पी.एम.एम.एस.वाई.) के तहत स्थापित ‘लाइव फिश वेंडिंग सेंटर’ का दौरा किया, जहाँ स्थानीय मछली पालकों को मछली का चारा वितरित किया गया। फिश फार्मर्स कोऑपरेटिव सोसाइटी के सदस्यों और अन्य हितधारकों के साथ अपनी बातचीत के दौरान, उन्होंने उनके प्रश्नों का समाधान किया और मत्स्य क्षेत्र के विकास के मुख्य अवसरों को रेखांकित किया।
​प्रश्नों का उत्तर देते हुए श्री सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पी.एम.जी.एस.वाई.) वर्ष २०२६-२०३१ की अवधि के दौरान भी जारी रहेगी। उन्होंने आगे कहा कि पी.एम.एम.एस.वाई. के तहत १५ सहकारी समितियों को सहायता प्रदान की जाएगी। उन्होंने सभा को सूचित किया कि सोरेंग में कार्प फार्मिंग के लिए एक जैविक क्लस्टर की पहचान की गई है और उन्होंने हितधारकों को २,००० मीट्रिक टन मछली उत्पादन का लक्ष्य हासिल करने की दिशा में काम करने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने सजावटी (ऑर्नामेंटल) मछली पालन की क्षमता, विशेष रूप से अंतर्राष्ट्रीय निर्यात बाजार में इसके मूल्य पर प्रकाश डाला और किसानों को आय सृजन तथा मत्स्य पालन गतिविधियों के विविधीकरण के लिए इस मार्ग को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया।

इस दौरे ने मत्स्य पालन और पशुपालन में जमीनी स्तर की पहलों को मजबूत करने के साथ-साथ टिकाऊ आजीविका और आर्थिक विकास के नए अवसरों को तलाशने के महत्व पर जोर दिया।

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