खेल मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय महासंघों को प्रदान की जाने वाली वित्तीय सहायता में भारी वृद्धि

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​नई दिल्ली: खेल मंत्रालय ने देश में अंतर्राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं के आयोजन को प्रोत्साहित करने के लिए राष्ट्रीय खेल महासंघ (एनएसएफ)-ों को दी जाने वाली वित्तीय सहायता में भारी वृद्धि की है। मंत्रालय की ओर से शुक्रवार को घोषित संशोधित दिशा-निर्देशों के तहत अब महासंघों को अंतर्राष्ट्रीय खेल आयोजनों के लिए अधिकतम ५० करोड़ रुपये तक की सहायता प्राप्त होगी। पहले यह सीमा २ करोड़ रुपये थी।
​मंत्रालय ने राष्ट्रीय खेल महासंघों को सहायता देने की संशोधित योजना के संचालन संबंधी दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसका उद्देश्य देश में अंतर्राष्ट्रीय खेल आयोजनों को प्रोत्साहित करना और खेलों से संबंधित व्यवस्थाओं को मजबूत करना है।
​खेल मंत्रालय द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के आयोजन के लिए वित्तीय सहायता की राशि संबंधित आयोजन की प्रकृति और खिलाड़ियों की संख्या के आधार पर तय की जाएगी। महासंघों के प्रस्तावों का आकलन खेल सचिव की अध्यक्षता में बनने वाली एक निर्धारित समिति करेगी। इस बदलाव से राष्ट्रीय खेल महासंघों को देश में बड़े अंतर्राष्ट्रीय टूर्नामेंट आयोजित करने के लिए पहले की तुलना में अधिक वित्तीय सहायता प्राप्त होगी।
​संशोधित योजना में राष्ट्रीय खेलों के आयोजन के लिए भी अधिकतम ५० करोड़ रुपये तक की वित्तीय सहायता का प्रावधान किया गया है। इस राशि का उपयोग प्रतियोगिताओं के संचालन और उससे संबंधित तकनीकी आवश्यकताओं को पूरा करने में किया जा सकेगा।
​मंत्रालय के अनुसार, सहायता राशि का उपयोग खेल उपकरणों, टाइमिंग, स्कोरिंग और रिजल्ट (टीएसआर) सेवाओं, तकनीकी अधिकारियों के पारिश्रमिक और प्रतियोगिताओं के तकनीकी संचालन में किया जाएगा। इन व्यवस्थाओं का आयोजन की गुणवत्ता और प्रतियोगिताओं के सुचारू संचालन में महत्वपूर्ण योगदान होता है।
​खेल मंत्रालय ने बताया कि संशोधित दिशा-निर्देश भारत के दीर्घकालिक खेल दृष्टिकोण के अनुरूप हैं। यह २०२६ ओलंपिक के आयोजन के लिए भारत की दावेदारी और २०३९ राष्ट्रमंडल खेलों की तैयारियों से भी जुड़ा है। भारत अंतर्राष्ट्रीय खेल आयोजनों की क्षमता बढ़ाने और खेलों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में काम कर रहा है। ऐसी स्थिति में राष्ट्रीय खेल महासंघों को प्राप्त होने वाली वित्तीय सहायता में इस वृद्धि को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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