सिक्किम को ‘होलिस्टिक हेल्थकेयर’ हब बनाने का संकल्प
गांगटोक: सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तामांग (गोले) ने पाक्योंग जिले के लुंगचोक में ‘होलिस्टिक इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद एंड वेलनेस सेंटर’ की आधारशिला रखी है। मुख्यमंत्री तामांग ने कहा कि इस केंद्र का निर्माण सिक्किम को समग्र स्वास्थ्य (होलिस्टिक हेल्थकेयर), योग, आयुर्वेद और वेलनेस टूरिज्म के एक प्रमुख गंतव्य के रूप में स्थापित करने के दृष्टिकोण से किया जा रहा है।
शिलान्यास समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री गोले ने बताया कि प्रस्तावित संस्थान में आयुर्वेद, पंचकर्म, योग, ध्यान और समग्र उपचार पद्धतियों को एकीकृत किया जाएगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह परियोजना पारंपरिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के साथ-साथ वेलनेस टूरिज्म को बढ़ावा देगी और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा करेगी।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री तामांग ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के माध्यम से भारत की समृद्ध योग विरासत को वैश्विक मंच पर ले जाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति अपना आभार व्यक्त किया।
इसके अलावा, १३ जून २०२५ को आयुष विभाग को एक स्वतंत्र विभाग के रूप में स्थापित किए जाने के बाद से हुई प्रगति पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने बताया कि सोचकगांग और गेजिंग के अस्पतालों तथा देओराली स्थित सोवा-रिग्पा अस्पताल और शैक्षणिक संस्थान के संचालन से आयुष सेवाओं का विस्तार हुआ है।
रोकथाम संबंधी स्वास्थ्य सेवाओं पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि ‘हर घर योग’ अभियान के तहत १ लाख ५० हजार से अधिक पंजीकरण हो चुके हैं और ‘मानसिक स्वास्थ्य के लिए योग’ पहल के तहत अब तक ८२५ योग शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जा चुका है।

समारोह में उन्होंने सड़क कनेक्टिविटी के विस्तार और ‘आमा योजना’ जैसी राज्य सरकार की कई अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं का भी उल्लेख किया। मुख्यमंत्री ने कहा, “हमारा दृष्टिकोण केवल बुनियादी ढांचे तक सीमित नहीं है, बल्कि अपनी अमूल्य पारंपरिक विरासत को सहेजना, टिकाऊ आजीविका के अवसर पैदा करना और एक स्वस्थ एवं समृद्ध सिक्किम का निर्माण करना है।”





