नई दिल्ली: वर्ष के दसवें महीने की १४ तारीख भारत में खेलों के बड़े आयोजन से जुड़ी है… दरअसल इसी दिन १९वें राष्ट्रमंडल खेलों का समापन हुआ था। नई दिल्ली में ३ अक्टूबर से १४ अक्टूबर २०१० के बीच १९वें राष्ट्रमंडल खेलों का आयोजन किया गया था। भारत ने १९८२ में एशियाई खेलों के सफल आयोजन के करीब तीन दशक के बाद इतने विशाल स्तर पर किसी खेल प्रतियोगिता का आयोजन किया था। खेलों के आयोजन के लिए पूरी दिल्ली में विशेष इंतजाम किए गए थे। खेलों का शुभारंभ दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में हुआ और समापन समारोह भी १४ अक्टूबर को यहीं हुआ।
देश-दुनिया के इतिहास में १४ अक्टूबर की तारीख में दर्ज अन्य महत्वपूर्ण घटनाओं का सिलसिलेवार ब्यौरा इस प्रकार है~
१८८२: ब्रिटिश भारत के चौथे विश्वविद्यालय के रूप में पंजाब विश्वविद्यालय की स्थापना की गई थी। शुरुआत में इसका मुख्यालय शिमला में प्रशासनिक कार्यों के लिए और मुख्य परिसर लाहौर (जो अब पाकिस्तान में है) में बनाया गया था। यह कलकत्ता (१८५७), मुंबई (१८५७) और मद्रास (१८५७) के बाद भारतीय उपमहाद्वीप का चौथा सबसे पुराना आधुनिक विश्वविद्यालय बना। इसका गठन मुख्य रूप से उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने और उत्तर-पश्चिम प्रांतों में परीक्षाओं को संचालित करने के लिए किया गया था। १९४७ में भारत के विभाजन के समय इस विश्वविद्यालय का भी दो हिस्सों में बंटवारा हो गया। पाकिस्तान वाले हिस्से को ‘यूनिवर्सिटी ऑफ द पंजाब’ (लाहौर) कहा गया, जबकि भारत के हिस्से में आए विश्वविद्यालय को पंजाब यूनिवर्सिटी के रूप में पुनर्गठित किया गया।
१९३३: जर्मनी (एडोल्फ हिटलर के नेतृत्व में) ने जिनेवा में चल रहे विश्व निरस्त्रीकरण सम्मेलन और राष्ट्र संघ से हटने की आधिकारिक घोषणा की थी। जर्मनी ने तर्क दिया कि अन्य प्रमुख देश (जैसे फ्रांस और ब्रिटेन) अपने हथियारों में कमी नहीं कर रहे हैं, जिससे जर्मनी की सुरक्षा और समानता खतरे में है।
१९४३: द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान, जापानी सैन्य प्रशासन के तहत फिलिपिंस के दूसरे गणराज्य की स्थापना की गई थी और इसे एक “स्वतंत्र” राष्ट्र घोषित किया गया था। हालांकि जापान ने इसे स्वतंत्रता घोषित किया था, लेकिन वास्तव में यह एक कठपुतली सरकार थी, जिसे पूरी तरह से जापानी सेना नियंत्रित करती थी। इस सरकार के राष्ट्रपति जोस पी. लॉरेल बने थे। जापान इस घोषणा के माध्यम से स्थानीय फिलीपीनी नागरिकों का समर्थन हासिल करना चाहता था और अमेरिकी प्रभाव को कम करना चाहता था, क्योंकि इससे पहले फिलिपिंस पर अमेरिका का नियंत्रण था। यह तथाकथित स्वतंत्रता बहुत कम समय तक चली। १९४५ में जब मित्र राष्ट्रों और अमेरिकी सेना ने जापान को हराया, तो यह सरकार पूरी तरह समाप्त हो गई। फिलिपिंस को वास्तविक और पूर्ण स्वतंत्रता ४ जुलाई १९४६ को अमेरिका से मिली।
१९४४: द्वितीय विश्व युद्ध के प्रसिद्ध जर्मन फील्ड मार्शल एरविन रोमेल, जिन्हें ‘डेजर्ट फॉक्स’ भी कहा जाता है, ने जहर खाकर अपनी जान दे दी थी। एडोल्फ हिटलर को मारने के लिए २० जुलाई १९४४ को एक बम धमाका किया गया था, जिसे ‘जुलाई प्लॉट’ या ‘ऑपरेशन वॉल्कीरी’ कहा जाता है। इस साजिश की जांच के दौरान एरविन रोमेल का नाम भी इससे जुड़ा पाया गया। हिटलर के जनरलों ने रोमेल को दो विकल्प दिए: या तो वे अदालत में मुकदमे का सामना करें (जहाँ उनके परिवार को प्रताड़ित किया जाता और उनकी संपत्ति जब्त कर ली जाती), या फिर साइनाइड (जहर) खाकर आत्महत्या कर लें। अपने परिवार को सुरक्षित रखने और अपने स्टाफ को बचाने के लिए रोमेल ने जहर खाना चुना।
१९४६: हॉलैंड (नीदरलैंड) और इंडोनेशियाई राष्ट्रवादियों के बीच इंडोनेशिया के स्वतंत्रता संग्राम के दौरान एक महत्वपूर्ण संघर्ष विराम समझौता हुआ था। द्वितीय विश्व युद्ध की समाप्ति के बाद इंडोनेशिया ने खुद को स्वतंत्र घोषित कर दिया था, लेकिन नीदरलैंड (हॉलैंड) अपने इस पुराने उपनिवेश पर फिर से नियंत्रण हासिल करना चाहता था। इसके कारण दोनों पक्षों में हिंसक संघर्ष शुरू हो गया था। दोनों देशों के बीच युद्ध को रोकने और शांति वार्ता का रास्ता साफ करने के लिए १४ अक्टूबर १९४६ को इस संघर्ष विराम पर सहमति बनी। इसी संघर्ष विराम के आगे के कदम के रूप में नवंबर १९४६ में प्रसिद्ध लिंगगाजाती समझौता हुआ, जिसके तहत नीदरलैंड ने जावा, सुमात्रा और मदुरा पर इंडोनेशियाई गणतंत्र के वास्तविक नियंत्रण को मान्यता दी। हालांकि, पूर्ण स्वतंत्रता मिलने में अभी कुछ वर्षों का संघर्ष और बाकी था।
१९४७: अमेरिका के वायुसेना कैप्टन चक येगर ने बेल एक्स-१ नामक प्रायोगिक विमान से पहली बार ध्वनि की गति को पार किया था। तब इसकी गति लगभग ७०० मील प्रति घंटा (मैक १.०६) थी और यह करीब ४३,००० से ४५,००० फीट की ऊंचाई पर उड़ रही थी।
१९४८: इजरायल और मिस्र के बीच ‘ऑपरेशन होरेव’ और ‘ऑपरेशन योव’ के हिस्से के रूप में नेगेव रेगिस्तान में जबरदस्त लड़ाई शुरू हुई थी। यह युद्ध १९४८ के अरब-इजरायल युद्ध का एक बेहद महत्वपूर्ण हिस्सा था, जिसमें इजरायली सेना ने मिस्र की सेना को पीछे धकेलने और नेगेव क्षेत्र पर नियंत्रण हासिल करने के लिए एक बड़ा सैन्य अभियान चलाया था। इजरायल का मुख्य लक्ष्य नेगेव रेगिस्तान में घिरे अपने ठिकानों से मिस्र की नाकेबंदी को हटाना और इस पूरे क्षेत्र को अपने नियंत्रण में लेना था। इस भीषण लड़ाई के बाद इजरायली सेना ने मिस्र की सेना को रणनीतिक रूप से पीछे हटने पर मजबूर कर दिया। इसके परिणामस्वरूप नेगेव क्षेत्र इजरायल का हिस्सा बन गया। आखिरकार जनवरी १९४९ में दोनों देशों के बीच युद्धविराम समझौते पर हस्ताक्षर हुए।
१९५३: भारत में संपदा शुल्क अधिनियम प्रभाव में आया था। इसका मुख्य उद्देश्य किसी व्यक्ति की मृत्यु के बाद उसकी संपत्ति के वारिसों को हस्तांतरित होने पर उस पर कर लगाना था।
१९५६: डॉ. भीमराव आम्बेडकर ने अपने ३,८५,००० अनुयायियों के साथ कोचांदा में बौद्ध धर्म स्वीकार किया और अपने समर्थकों को २२ बौद्ध प्रतिज्ञाओं का अनुसरण करने की सलाह दी।
१९६४: अमेरिका में नस्लीय भेदभाव (रंगभेद) के खिलाफ अहिंसक आंदोलन का नेतृत्व करने वाले डॉ. मार्टिन लूथर किंग जूनियर को मात्र ३५ वर्ष की आयु में नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। यह पुरस्कार प्राप्त करने वाले वे उस समय के सबसे कम उम्र के व्यक्ति थे।
१९७९: जर्मनी के बॉन में परमाणु ऊर्जा के खिलाफ एक लाख लोगों ने प्रदर्शन किया। उस समय बॉन, पश्चिम जर्मनी की राजधानी हुआ करता था। इसलिए, सरकार तक अपनी आवाज पहुँचाने के लिए प्रदर्शनकारियों ने इस शहर को चुना।
१९८१: होस्नी मुबारक मिस्र के चौथे राष्ट्रपति बने थे। राष्ट्रपति अनवर सादात की ६ अक्टूबर १९८१ को हुई हत्या के बाद उन्होंने यह पद संभाला था। वे लगभग ३० वर्षों तक मिस्र की सत्ता में रहे।
१९८५: भारत के असम में असम गण परिषद की स्थापना, गोलाघाट में आयोजित एक सम्मेलन में हुई थी। इसका गठन ऐतिहासिक असम समझौते (१५ अगस्त १९८५) और छह साल लंबे असम आंदोलन के बाद हुआ था।
१९९४: फ़िलिस्तीनी नेता यासीर अराफ़ात, इज़राइल के प्रधानमंत्री यित्ज़ाक राबिन और इज़राइल के विदेश मंत्री शिमोन पेरेस को मध्य पूर्व में शांति स्थापित करने के उनके प्रयासों के लिए संयुक्त रूप से १९९४ के नोबेल शांति पुरस्कार के लिए चुना गया था। इन्हें यह पुरस्कार इज़राइल सरकार और फ़िलिस्तीनी मुक्ति संगठन के बीच ऐतिहासिक ओस्लो समझौते के जरिए पहली सीधी शांति वार्ता और समझौते को आगे बढ़ाने के लिए दिया गया था। यह पुरस्कार १० दिसंबर १९९४ को ओस्लो, नॉर्वे में प्रदान किया गया था।
१९९७: ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ द्वितीय और उनके पति प्रिंस फ़िलिप (ड्यूक ऑफ़ एडिनबर्ग) ने भारत की अपनी आधिकारिक यात्रा के दौरान अमृतसर के जलियांवाला बाग़ स्मारक का दौरा किया था। महारानी ने जलियांवाला बाग़ स्मारक पर पुष्पहार अर्पित किया और शहीदों की याद में कुछ पल का मौन रखा। उन्होंने इस दुखद घटना के लिए अफ़सोस जताया (दिल्ली में एक भोज के दौरान इसे इतिहास का एक ‘कष्टदायक उदाहरण’ बताया), लेकिन उन्होंने या ब्रिटेन की ओर से कोई आधिकारिक माफ़ी नहीं मांगी। जलियांवाला बाग़ के बाद इस शाही जोड़े ने हरमंदिर साहिब (स्वर्ण मंदिर) का भी दौरा किया था।
१९९९: अमेरिकी सीनेट ने व्यापक परमाणु परीक्षण प्रतिबंध संधि को नामंजूर कर दिया था। यह अंतरराष्ट्रीय परमाणु नियंत्रण प्रयासों के लिए एक बहुत बड़ा झटका था। राष्ट्रपति बिल क्लिंटन (डेमोक्रेटिक पार्टी) ने इस संधि का पुरजोर समर्थन किया था, लेकिन सीनेट में बहुमत रखने वाले रिपब्लिकन सांसदों ने इसके खिलाफ मतदान किया। विरोध करने वाले अमेरिकी सांसदों का मानना था कि यह संधि अमेरिका की सुरक्षा के लिए सही नहीं है और इसके जरिए अन्य देशों (जैसे रूस, चीन या उत्तर कोरिया) द्वारा चोरी-छिपे किए जाने वाले परमाणु परीक्षणों की निगरानी पूरी तरह संभव नहीं है।
२०००: संयुक्त राज्य अमेरिका ने सुरक्षा खतरों और आतंकी हमलों की आशंका के चलते पाकिस्तान सहित दुनिया के २२ देशों में अपने दूतावासों और वाणिज्य दूतावासों को अस्थायी रूप से बंद कर दिया था। अक्टूबर २००० में यमन के अदन बंदरगाह पर अमेरिकी नौसेना के विध्वंसक जहाज यूएसएस कोल पर अल-कायदा द्वारा एक आत्मघाती हमला किया गया था, जिसमें १७ अमेरिकी नाविक मारे गए थे। इस हमले के तुरंत बाद, अमेरिका को अपने अन्य विदेशी मिशनों पर भी आतंकी हमलों के गंभीर इनपुट मिले थे। एहतियात के तौर पर अमेरिकी विदेश विभाग ने मध्य पूर्व, अफ्रीका और दक्षिण एशिया (जिसमें पाकिस्तान भी शामिल था) के २२ संवेदनशील देशों में अपने राजनयिक कार्यालयों को कुछ समय के लिए बंद करने और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करने का आदेश दिया था।
२००१: फेरारी टीम के महान रेसर माइकल शूमाकर ने सुजुकी में ‘जापानी ग्रां प्री’ जीती। इस जीत के साथ उन्होंने उस सीजन में अपनी ९वीं रेस जीती और ५८ अंकों के भारी अंतर से अपना चौथा एफ१ वर्ल्ड ड्राइवर्स चैंपियनशिप खिताब अपने नाम किया था।
२००१: अमेरिकी स्वास्थ्य और मानव सेवा मंत्रालय ने आधिकारिक तौर पर फ्लोरिडा में इस जानलेवा बीमारी (पल्मोनरी एंथ्रेक्स) के पहले मामले और उससे हुई मौत की पुष्टि की।
२००२: दक्षिण कोरिया के बुसान शहर में १४वें एशियाई खेलों का रंगारंग समापन हुआ था, जिसमें अगले खेलों की मेजबानी के लिए कतर (दोहा २००६) को १५वें एशियाई खेलों की मशाल सौंपी गई थी।
२००३: अमेरिकी बेसबॉल के इतिहास का एक बेहद चर्चित और विवादास्पद हादसा इसी दिन हुआ था। शिकागो में खेले जा रहे एक बड़े मैच के दौरान एक प्रशंसक स्टीव बार्टमैन ने अनजाने में लाइव मैच के दौरान गेंद को कैच करने की कोशिश में अपनी ही पसंदीदा टीम (शिकागो कब्स) के खिलाड़ी के हाथ से गेंद छीन ली थी। इसके बाद उनकी टीम वह मैच हार गई। इस घटना को खेल इतिहास के सबसे बड़े ‘प्रशंसक हादसों’ में गिना जाता है, जिसके बाद बार्टमैन को सुरक्षा कारणों से छिपना पड़ा था।
२००३: बीबीसी ने एक बड़ी रिपोर्ट जारी की थी जिसमें खुलासा हुआ था कि असंतुष्ट आईआरए समूह ब्रिटेन में भारी मात्रा में अवैध हथियारों की सप्लाई कर रहे हैं, जिससे वहाँ गन-क्राइम में भारी इजाफा हुआ था।
२००३: अमेरिका में कुख्यात ‘वॉशिंगटन डीसी स्नाइपर्स’ (जॉन एलन मोहम्मद और ली बॉयड माल्वो) के खिलाफ कानूनी मुकदमे की शुरुआत हुई थी। इन स्नाइपर्स ने साल २००२ में वाशिंगटन डीसी और उसके आस-पास के इलाकों में ताबड़तोड़ गोलीबारी करके कई लोगों की जान ले ली थी और पूरे देश में खौफ फैला दिया था।
२००४: पाकिस्तान की नेशनल असेंबली ने राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ़ को सेना प्रमुख के पद पर बनाए रखने वाला विधेयक पारित किया। इस विधेयक ने जनरल परवेज मुशर्रफ़ को एक ही समय में देश के राष्ट्रपति और थल सेना प्रमुख दोनों पदों पर बने रहने की कानूनी अनुमति दे दी थी।
२००५: इक्वाडोर के अपदस्थ राष्ट्रपति लूसियो गुतिएरेज़ स्वेच्छा से देश लौटे पर राष्ट्रीय सुरक्षा को भंग करने (राजद्रोह) के आरोप में उन्हें तुरंत गिरफ्तार कर जेल में डाल दिया गया था।
२००५: अमेरिकी खुफिया एजेंसी ने नेशनल क्लैंडेस्टिन सर्विस के लिए एक गुप्त अधिकारी “जोस” को नया निदेशक नियुक्त किया, जिसे सीआईए और एफबीआई के खुफिया अभियानों के समन्वय की जिम्मेदारी दी गई थी।
२००५: डैनियल क्रेग को आधिकारिक तौर पर छठे ‘जेम्स बॉन्ड’ अभिनेता के रूप में चुना गया था।
२००६: संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने उत्तर कोरिया द्वारा किए गए पहले परमाणु परीक्षण के विरोध में सर्वसम्मति से प्रस्ताव १७१८ पारित किया था। इसके तहत उत्तर कोरिया पर कड़े सैन्य और आर्थिक प्रतिबंध लगा दिए गए थे। हालांकि, उत्तर कोरिया के तत्कालीन राजदूत पाक किल-योन ने इस प्रस्ताव को पूरी तरह खारिज कर दिया था।
२००६: इजरायली सेना द्वारा गाजा पट्टी में की गई एक सैन्य घुसपैठ के दौरान हमास के सशस्त्र विंग के ६ फिलिस्तीनी नागरिक मारे गए थे।
२००६: भारत में डॉ. बी.आर. आंबेडकर द्वारा १९५६ में किए गए ऐतिहासिक बौद्ध धर्मांतरण की ५०वीं वर्षगांठ (गोल्डन जुबली) के अवसर पर आयोजित किए गए सामूहिक धर्मांतरण में देश के विभिन्न हिस्सों में रहने वाले हजारों दलितों और तथाकथित निम्न जाति के हिंदुओं ने हिंदू धर्म में व्याप्त जातिगत भेदभाव और असमानता के विरोध में सामूहिक रूप से बौद्ध और ईसाई धर्म अपनाया था। इस दिन सबसे बड़े सामूहिक आयोजन महाराष्ट्र के नागपुर और कर्नाटक के गुलबर्गा (कलबुर्गी) शहर में हुए थे। गुलबर्गा में एक जापानी बौद्ध भिक्षु ‘भंते बोधि धम्म’ के नेतृत्व में लगभग ३,००० दलितों ने दीक्षा ली थी, जहाँ मुख्य अतिथि के रूप में नेता मल्लिकार्जुन खड़गे भी उपस्थित थे।
२००६: भारत ने वियना में पहली बार न्यूक्लियर सप्लायर्स ग्रुप के सामने अपना मामला पेश किया था। भारत ने अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए वैश्विक सदस्यों के साथ पूर्ण असैन्य परमाणु सहयोग को सक्षम करने के लिए नियमों में छूट मांगी थी।
२००७: अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी ने नेपाल को चिकित्सा और कृषि क्षेत्रों में परमाणु तकनीक का शांतिपूर्ण उपयोग करने की अनुमति दी। इस मंजूरी के बाद नेपाल को रेडियोधर्मी सामग्रियों के सुरक्षित उपयोग और उनके कचरे के प्रबंधन के लिए अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के कड़े अंतरराष्ट्रीय नियमों का पालन करना अनिवार्य हो गया था।
२००८: वैश्विक वित्तीय संकट के दौरान भारतीय बाजार में नकदी की भारी कमी हो गई थी, जिसे दूर करने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक ने म्युचुअल फंड्स की जरूरतें पूरी करने के लिए अतिरिक्त २०० अरब रुपये जारी करने की घोषणा की थी।
२००९: जिम्बाब्वे की एक अदालत ने आतंकवाद के आरोपों के तहत मूवमेंट फॉर डेमोक्रेटिक चेंज के वरिष्ठ अधिकारी रॉय बेनेट को जेल भेज दिया था। रॉय बेनेट को आतंकवाद, विद्रोह और अवैध हथियार रखने के आरोपों के तहत अदालत ने जेल भेजा था। एमडीसी पार्टी और बेनेट ने इन आरोपों को राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित बताया था।
२०१०: राजधानी दिल्ली में चल रहे १९वें राष्ट्रमंडल खेलों का समापन हुआ। इसका आयोजन भारत की राजधानी नई दिल्ली में ३ अक्टूबर से १४ अक्टूबर २०१० के बीच किया गया था।
२०११: चीन के शंक्सी प्रांत के पुचेंग नेइफू हवाई अड्डे पर ‘चीन इंटरनेशनल जनरल एविएशन कन्वेंशन’ एयर शो के दौरान चीन का एक मुख्य लड़ाकू विमान जेएच-७ जेट दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इस विमान में दो क्रू मेंबर (पायलट) सवार थे। विमान के पिछले हिस्से में बैठे पायलट (हथियार प्रणाली अधिकारी) सुरक्षित रूप से बेदखल (इजेक्ट) होने में कामयाब रहे और उन्हें मामूली चोटें आईं। हालांकि, मुख्य पायलट विमान में ही फंसे रह गए और इस हादसे में उनकी मृत्यु हो गई थी।
२०११: ब्रिटेन के रक्षा मंत्री लियाम फॉक्स को एक बड़े राजनीतिक विवाद के बाद अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा था।
२०११: पाकिस्तान के वजीरिस्तान इलाके में एक अमेरिकी ड्रोन हमले में ४ उग्रवादियों की मौत हुई थी।
२०१२: नाइजीरिया के कडुना प्रांत के दोगो दावा नामक एक सुदूर गाँव में बंदूकधारियों ने मस्जिद से नमाज़ पढ़कर बाहर निकल रहे लोगों पर अंधाधुंध गोलियां चला दी थीं। इस भीषण हमले में कम से कम २० लोगों की मौत हो गई थी। यह हमला उस समय हुआ जब सुबह की नमाज़ के बाद लोग मस्जिद से बाहर आ रहे थे। बंदूकधारियों ने लोगों को निशाना बनाकर गोलीबारी की और कुछ पीड़ितों पर चाकू से भी हमला किया था। स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, यह हमला एक प्रतिशोध का हिस्सा माना गया था। इससे पहले गाँव के स्थानीय सुरक्षा दल ने कुछ संदिग्ध डाकुओं/चोरों को पकड़ा था, जिसके बदले के रूप में इस नरसंहार को अंजाम दिया गया था।
२०१३: दो सोमालियाई आत्मघाती हमलावरों के पास मौजूद विस्फोटक समय से पहले ही फट गए थे। इस धमाके में दोनों हमलावर मारे गए, जिससे एक बहुत बड़ा आतंकी हादसा होते-होते टल गया था।
२०१४: चक्रवात ‘हुदहुद’ के असर के कारण नेपाल के हिमालयी क्षेत्र (खासकर अन्नपूर्णा सर्किट) में अचानक भीषण बर्फबारी और हिमस्खलन हुआ। इस हादसे में ट्रैकर्स और स्थानीय गाइडों सहित ४३ से अधिक लोगों की मौत हो गई थी, जिसे नेपाल के सबसे बुरे ट्रैकिंग हादसों में से एक माना जाता है।
२०१४: जम्मू के पुंछ सेक्टर और एलओसी से सटे इलाकों में पाकिस्तानी सेना की ओर से भारी गोलाबारी की गई थी, जिससे सीमावर्ती गाँवों में दहशत फैल गई थी।
२०१४: विश्व स्वास्थ्य संगठन ने एक चिंताजनक घोषणा की कि इबोला वायरस से मरने वालों की संख्या बढ़कर ४,४४७ हो चुकी है और इस बीमारी की मृत्यु दर ७०% तक पहुँच चुकी है।
२०१५: पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के तौंसा शरीफ में एक राजनीतिक कार्यालय को निशाना बनाकर आत्मघाती बम धमाका किया गया। इस दर्दनाक हादसे में कम से कम ७ लोगों की मौत हो गई और १३ से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हुए। इस हमले की जिम्मेदारी तालिबान से जुड़े एक गुट ने ली थी।
२०१५: दक्षिण अफ्रीका के जोहान्सबर्ग में एक निर्माणाधीन पैदल यात्री पुल ढह गया था। व्यस्त हाईवे पर पुल गिरने के कारण मलबे की चपेट में आने से २ लोगों की मौत हो गई थी और लगभग २० अन्य लोग घायल हुए थे।
२०१५: नाइजीरिया के मैदुगुरी शहर में आतंकवादी संगठन बोको हरम द्वारा किए गए तीन सिलसिलेवार बम धमाकों में ७ लोगों की मौत हो गई थी और कई लोग घायल हुए थे।
२०१६: कश्मीर के श्रीनगर के बाहरी इलाके में गश्त कर रही सशस्त्र सीमा बल की टुकड़ी पर आतंकवादियों ने घात लगाकर हमला कर दिया था। इस आतंकी हमले में SSB का १ जवान शहीद हो गया था और ८ अन्य सुरक्षाकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
२०१७: सोमालिया की राजधानी मोगादिशु में एक होटल के बाहर विस्फोटकों से भरे एक बड़े ट्रक में आत्मघाती धमाका हुआ। इस भीषण आतंकी हमले में ५८७ लोगों की मौत हो गई थी और ३०० से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे।
२०१७: सीरिया में सीरियन डेमोक्रेटिक फोर्सेस ने रक्का शहर को इस्लामिक स्टेट के चंगुल से पूरी तरह मुक्त कराने के लिए एक अंतिम समझौते के तहत कई लड़ाकों को वहाँ से निकाला था। यह आतंकवाद से प्रभावित युद्ध क्षेत्र का एक बड़ा और तनावपूर्ण सैन्य घटनाक्रम था।
२०१८: तुर्की में प्रवासियों को ले जा रहा एक ट्रक अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे गिर गया था। इस दर्दनाक हादसे में कम से कम २२ लोगों की मौत हो गई थी।
२०१८: जर्मनी के फुल्दा शहर के पास एक छोटा विमान अनियंत्रित होकर भीड़ पर जा गिरा था। इस दुर्घटना में ३ लोगों की मौत हो गई थी और ८ अन्य घायल हुए थे।
२०१९: मेक्सिको के मिचोआकन राज्य के अग्विलिला में ड्रग कार्टेल के संदिग्ध बंदूकधारियों ने घात लगाकर हमला किया, जिसमें १४ राज्य पुलिस अधिकारियों की मौत हो गई थी।
२०१९: अफगानिस्तान के नंगरहार प्रांत के जलालाबाद में सेना के नए रंगरूटों को ले जा रही एक मिनीबस के पास रिक्शे में लगा बम फटने से १० लोगों की मौत हो गई थी और २७ अन्य घायल हुए थे।
२०१९: पश्चिमी लेबनान के जंगलों में भीषण आग लग गई थी, जिसके कारण ३ लोगों की मौत हुई थी और बड़े पैमाने पर प्राकृतिक संपदा को नुकसान पहुँचा था। इसके बाद देश में आपातकालीन अंतरराष्ट्रीय मदद की मांग की गई थी।
२०१९: तुर्की द्वारा उत्तरी सीरिया में किए गए सैन्य हमले और हवाई हमलों में कई आम नागरिकों सहित कम से कम ९ लोगों की मौत हुई थी। इस संघर्ष के कारण लगभग १,३०,००० से अधिक लोग विस्थापित हुए थे।
२०१९: जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद ३७० हटाए जाने के बाद लगी पाबंदियों के बीच ७१-७२ दिनों बाद घाटी में पोस्टपेड मोबाइल सेवाएं दोबारा शुरू की गई थीं, जिससे करीब ४० लाख उपभोक्ताओं को राहत मिली थी।
२०१९: भारतीय मूल के अर्थशास्त्री अभिजीत बनर्जी, उनकी पत्नी एस्थर डुफ्लो और माइकल क्रेमर को संयुक्त रूप से वैश्विक गरीबी खत्म करने के प्रयोगों के लिए अर्थशास्त्र का नोबेल पुरस्कार देने की घोषणा हुई थी।
२०२०: पोलैंड में पानी के नीचे मिले द्वितीय विश्व युद्ध के समय के सबसे बड़े ५.४ टन वजनी ‘टॉलबॉय’ बम को डिफ्यूज करने (निष्क्रिय करने) की कोशिश के दौरान एक बड़ा विस्फोट हुआ था। हालांकि, सुरक्षा इंतजामों के कारण इसमें कोई हताहत नहीं हुआ था।
२०२०: मटवारा क्षेत्र में इस्लामिक स्टेट से जुड़े आतंकियों ने एकगाँव पर हमला कर २० नागरिकों की जान ले ली थी और कई घरों को तबाह कर दिया था।
२०२०: इस तारीख तक दुनिया भर में कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा ३.८ करोड़ (३८ मिलयन) पार कर चुका था और १० लाख से अधिक लोगों की मौत हो चुकी थी।
२०२०: भारत में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने स्कूली शिक्षा में सुधार के लिए छह राज्यों के लिए स्टार्स प्रोजेक्ट (राज्यों के लिए शिक्षण-अधिगम और परिणामों को सुदृढ़ बनाना)) को मंजूरी दी थी, जिसे वर्ल्ड बैंक से आंशिक मदद मिली थी।
२०२१: दक्षिणी ताइवान के काओशुंग शहर के यानचेंग जिले में १३ मंजिला एक मिश्रित उपयोग वाली (आवासीय और व्यावसायिक) इमारत में भीषण आग लगने से ४६ लोगों की मौत हो गई थी और ४१ से अधिक लोग घायल हो गए थे।
२०२२: उत्तरी तुर्की के अमासरा में एक कोयला खदान में भीषण विस्फोट हुआ था। इस दर्दनाक हादसे में ४१ खनिकों की मौत हो गई थी और कई अन्य गंभीर रूप से घायल हुए थे।
२०२२: अमेरिका के उत्तरी कैरोलिना राज्य के रैले शहर में एक १५ वर्षीय बंदूकधारी ने अंधाधुंध गोलीबारी की, जिसमें एक ऑफ-ड्यूटी पुलिसकर्मी सहित ५ लोगों की मौत हो गई थी।
२०२२: पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत के मस्तुंग इलाके में एक सड़क किनारे हुए बम विस्फोट में ३ लोगों की मौत हो गई थी और ६ अन्य घायल हुए थे।
२०२२: उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर में पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर एक तेज रफ्तार बीएमडब्ल्यू कार और कंटेनर के बीच भीषण टक्कर हुई थी। इस दुर्घटना में कार में सवार ४ लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी।
२०२२: मॉस्को से दिल्ली आ रही एअरोफ्लोट की फ्लाइट (एसयू २३) में बम होने की सूचना मिलने के बाद दिल्ली एयरपोर्ट पर हड़कंप मच गया था। हालांकि, विमान के सुरक्षित लैंड करने और जाँच के बाद यह सूचना महज एक अफवाह साबित हुई थी।
२०२३: इजराइल द्वारा उत्तरी गाजा खाली करने के अल्टीमेटम के बाद, गाजा सिटी से सुरक्षित स्थानों पर जा रहे नागरिकों के काफिलों पर बड़ा हवाई हमला हुआ था, जिसमें ७० से अधिक लोगों की मौत हो गई थी और सैकड़ों घायल हुए थे।
२०२३: इजराइल में छिड़े युद्ध के बीच वहाँ फंसे भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकालने के लिए भारत सरकार द्वारा चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन अजय’ की दूसरी विशेष उड़ान २१२ से अधिक नागरिकों को लेकर १४ अक्टूबर २०२३ को दिल्ली पहुँची थी।
२०२३: साल का आखिरी और दुर्लभ वलयाकार सूर्य ग्रहण लगा था, जिसे ‘रिंग ऑफ़ फायर’ कहा गया था। यह ग्रहण मुख्य रूप से अमेरिका महाद्वीप में देखा गया था और भारत में अदृश्य रहा था।
२०२४: मुंबई से न्यूयॉर्क जा रही एयर इंडिया की फ्लाइट (जिसमें करीब ६०० यात्री सवार थे) में अचानक बम होने की धमकी मिली थी। इसके बाद सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विमान की दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई थी।
२०२४: मिस्र के सुएज प्रांत में गालाला यूनिवर्सिटी के छात्रों को ले जा रही एक बस पलट गई थी, जिसमें १२ छात्रों की मौत हो गई थी और ३३ से अधिक छात्र गंभीर रूप से घायल हुए थे।
२०२४: न्यू जर्सी में एक एनजे ट्रांजिट ट्रेन पटरी पर गिरे पेड़ से टकरा गई थी, जिसमें ट्रेन चालक की मौत हो गई थी और २३ यात्री घायल हुए थे।
२०२४: लेबनान के ऐतू इलाके में इजरायली हवाई हमले में २१ लोगों की मौत हो गई थी।
२०२४: कनाडाई सरकार के झूठे आरोपों के बाद भारत ने अपने उच्चायुक्त को वापस बुलाने का फैसला किया था और ६ कनाडाई राजनयिकों को निष्कासित कर देश छोड़ने का आदेश दिया था। निष्कासित किए गए कनाडाई राजनयिक: स्टीवर्ट रॉस व्हीलर (कार्यवाहक उच्चायुक्त), पैट्रिक हेबर्ट, मैरी कैथरीन जॉली, इआन रॉस डेविड ट्राइट्स, एडम जेम्स चुइपका और पाउला ओर्जुएला। इन ६ कनाडाई राजनयिकों को १९ अक्टूबर २०२४ को रात ११:५९ बजे तक भारत छोड़ने का निर्देश दिया गया था। कनाडा की पुलिस और प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने भारतीय एजेंटों पर हरदीप सिंह निज्जर की हत्या और अन्य हिंसक गतिविधियों में शामिल होने के “बेबुनियाद” और “गंभीर” आरोप लगाए थे, जिसे भारत ने सिरे से खारिज कर दिया था।
२०२४: वर्ष २०२४ का अर्थशास्त्र का नोबेल पुरस्कार डैरोन ऐसमोग्लू, साइमन जॉनसन और जेम्स ए. रॉबिन्सन को दिए जाने की घोषणा की गई थी।
२०२५: राजस्थान (जैसलमेर/फलोदी क्षेत्र) में एक भीषण सड़क दुर्घटना और बस में आग लगने के कारण २० से अधिक लोगों की मौत हो गई थी और कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे।
२०२५: पूर्वी मैक्सिको के पाँच राज्यों (विशेषकर हिडाल्गो और वेराक्रूज) में मूसलाधार बारिश के बाद आई भीषण बाढ़ और भूस्खलन के कारण मरने वालों की संख्या ६४ हो गई थी और २५७ से अधिक लोग लापता हो गए थे। इस आपदा में १,००,००० से अधिक घर, ५९ चिकित्सा सुविधाएं और ३०८ स्कूल क्षतिग्रस्त हुए थे।
२०२५: बांग्लादेश की राजधानी ढाका में एक गारमेंट फैक्ट्री में भीषण आग लगने के कारण कम से कम १६ श्रमिकों की जलकर मौत हो गई थी और कई अन्य लोग गंभीर रूप से झुलस गए थे।
२०२५: कैरेबियन सागर में वेनेजुएला के तटवर्ती जलक्षेत्र में संदिग्ध ड्रग तस्करी को रोकने के लिए अमेरिकी सेना द्वारा की गई कार्रवाई में एक नाव पर हमला किया गया था, जिसमें ६ लोगों की मौत हो गई थी।
२०२५: इटली के वेरोना में एक बेदखली (इविक्शन) की कार्रवाई के दौरान हुए जबरदस्त विस्फोट में ३ कैराबिनिएरी (इतालवी पुलिसकर्मियों) की मौत हो गई थी।
२०२५: नाइजीरिया में हुए हिंसक चरवाहा हमलों के कारण १३ निर्दोष लोगों की जान चली गई थी।
१४ अक्टूबर को जन्मे प्रसिद्ध व्यक्ति~
१६३३: जेम्स द्वितीय – इंग्लैंड, स्कॉटलैंड और आयरलैंड के राजा
१६४३: बहादुर शाह प्रथम – दिल्ली (भारत) के आठवें मुग़ल बादशाह
१८६३: लालू भाई सामलदास मेहता – प्रसिद्ध उद्योगपति
१८८४: लाला हरदयाल – भारत के प्रसिद्ध क्रांतिकारी और ‘गदर पार्टी’ के संस्थापक
१८८५: मुकंदी लाल – प्रसिद्ध हिंदी लेखक और राजनेता
१८९०: ड्वाइट डी. आइजनहावर – अमेरिका के ३४वें राष्ट्रपति और सैन्य जनरल
१९०६: हैना आरेंट – प्रसिद्ध जर्मन-अमेरिकी विचारक
१९२७: रोजर मूर – प्रसिद्ध ब्रिटिश अभिनेता (जेम्स बॉन्ड का किरदार निभाने के लिए मशहूर)
१९३०: मोबुतु सेस सीको – जैरे के राष्ट्रपति
१९३१: निखिल रंजन बनर्जी – भारत के प्रसिद्ध सितार वादक और संगीतकार
१९३९: रॉल्फ लॉरेन – वैश्विक स्तर पर मशहूर फैशन डिजाइनर और ‘पोलो’ ब्रांड के संस्थापक
१९४०: क्लिफ रिचर्ड – ब्रिटिश रॉक और पॉप गायक (लखनऊ, भारत में जन्म)
१९५०: सेकेंड लेफ्टिनेंट अरुण खेत्रपाल – १९७१ के युद्ध के वीर नायक, मरणोपरांत परमवीर चक्र से सम्मानित
१९६१: परमीत सेठी – बॉलीवुड के जाने-माने अभिनेता और निर्देशक
१९७९: रित्विक भट्टाचार्य – भारत के प्रसिद्ध स्क्वैश खिलाड़ी (पीएसए रैंकिंग टॉप-५० में आने वाले पहले भारतीय)
१९८१: गौतम गंभीर – पूर्व भारतीय क्रिकेटर, विश्व कप विजेता और भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच
१९८५: नव्या नायर – प्रसिद्ध दक्षिण भारतीय (मलयालम और तमिल) अभिनेत्री
१४ अक्टूबर को हुए प्रमुख निधन~
१०६६: हेरॉल्ड द्वितीय – इंग्लैंड के अंतिम एंग्लो-सैक्सन राजा (हेस्टिंग्स के युद्ध में मृत्यु)
१२४०: रज़िया सुल्तान – दिल्ली सल्तनत की पहली और एकमात्र मुस्लिम महिला शासिका
१९४४: एरविन रोमेल – द्वितीय विश्व युद्ध के प्रसिद्ध जर्मन फील्ड मार्शल (‘डेजर्ट फॉक्स’)
१९४७: नरसिंह चिन्तामन केलकर – लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक के सहयोगी, प्रसिद्ध राष्ट्रवादी लेखक, पत्रकार और साहित्यकार (‘साहित्य सम्राट’ भी कहा जाता था)
१९५३: रघुनाथ धोंडो कर्वे – भारत में समाज सुधारक, प्राध्यापक और संतति नियमन तथा यौन शिक्षा के क्षेत्र में काम करने वाले प्रमुख दूरदर्शी व्यक्ति
१९५९: एरोल फ्लिन – हॉलीवुड के गोल्डन एज के मशहूर अभिनेता
१९६५: पंडित चतुर लाल – भारत के प्रसिद्ध तबला वादक जिन्होंने १९५० और ६० के दशक में वैश्विक स्तर पर शास्त्रीय संगीत को लोकप्रिय बनाया
१९६९: अर्देशिर ईरानी – भारतीय सिनेमा के पितामहों में से एक, जिन्होंने भारत की पहली सवाक (बोलती) फिल्म ‘आलम आरा’ (१९३१) का निर्देशन और निर्माण किया था
१९९०: लियोनार्ड बर्नस्टीन – विश्व प्रसिद्ध अमेरिकी संगीतकार और कंडक्टर
१९९४: नाकिब महफूज – नोबेल पुरस्कार विजेता मिस्र के प्रसिद्ध उपन्यासकार
१९९८: दसरथ देब – भारतीय राजनीतिक दल मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के राजनीतिज्ञ
१९९९: जूलियस न्येरेरे – तंजानिया के पहले राष्ट्रपति और महान नेता
२००४: दत्तोपन्त ठेंगडी – राष्ट्रभक्त ट्रेड यूनियन नेता और ‘भारतीय मजदूर संघ’ तथा ‘स्वदेशी जागरण मंच’ के संस्थापक
२०१३: मोहन धारिया – पूर्व केंद्रीय मंत्री, प्रख्यात वकील, सामाजिक कार्यकर्ता और पद्म विभूषण से सम्मानित राजनीतिज्ञ
२०२२: हैरी पॉटर के ‘हैग्रिड’ – ‘हैरी पॉटर’ फिल्मों में ‘रुबियस हैग्रिड’ की भूमिका निभाने वाले प्रसिद्ध स्कॉटिश अभिनेता
२०२३: पाइपर लॉरी – हॉलीवुड की दिग्गज और ऑस्कर नामांकित अभिनेत्री
२०२४: अतुल परचुरे – भारतीय टेलीविजन, मराठी और हिंदी सिनेमा के लोकप्रिय अभिनेता
१४ अक्टूबर के महत्वपूर्ण अवसर एवं उत्सव~
विश्व मानक दिवस: यह दिन हर साल १४ अक्टूबर को वैश्विक स्तर पर मानकों के महत्व के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए मनाया जाता है (इसकी शुरुआत १९४६ में अंतर्राष्ट्रीय मानकीकरण संगठन-आईएसओ की स्थापना की याद में हुई थी)।
अंतरराष्ट्रीय ई-वेस्ट दिवस: इलेक्ट्रॉनिक कचरे के सही प्रबंधन और पुनर्चक्रण के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए यह दिवस भी १४ अक्टूबर को मनाया जाता है।
धम्म चक्र प्रवर्तन दिवस (भारत): १४ अक्टूबर १९५६ को डॉ. भीमराव अंबेडकर ने अपने लाखों अनुयायियों के साथ नागपुर की दीक्षाभूमि पर बौद्ध धर्म स्वीकार किया था, जिसे भारत में ‘धम्म चक्र प्रवर्तन दिवस’ के रूप में याद किया जाता है।





