कोलकाता: पश्चिम बंगाल सरकार ने तकनीकी शिक्षा का विस्तार करने के उद्देश्य से अब तक ऐसी सुविधाओं से वंचित उप-मंडलों (सब-डिविजनों) में नए पॉलिटेक्निक संस्थानों की स्थापना करने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली राज्य सरकार उत्तर बंगाल क्षेत्र के दार्जिलिंग, धूपगुड़ी, दिनहाटा और मेखलीगंज जैसे स्थानों पर इन संस्थानों की स्थापना करने जा रही है।
दशकों से इन क्षेत्रों के छात्रों को तकनीकी और कौशल आधारित शिक्षा प्राप्त करने के लिए दूर-दराज की यात्रा करने के लिए मजबूर होना पड़ता था। लंबी यात्रा और उससे जुड़ी आर्थिक व व्यावहारिक चुनौतियों के कारण कई परिवारों के बच्चे उच्च और तकनीकी शिक्षा से वंचित रह जाते थे, जिसे ध्यान में रखते हुए सरकार ने यह कदम उठाया है। नए पॉलिटेक्निक संस्थानों की स्थापना से छात्रों को गुणवत्तापूर्ण तकनीकी शिक्षा आसानी से उपलब्ध होगी और कौशल विकास, रोजगार व उद्यमिता के नए अवसर पैदा होंगे।
इसके साथ ही, उत्तर बंगाल के विभिन्न हिस्सों में राष्ट्रीय महत्व के संस्थानों और उन्नत उच्च तकनीकी शिक्षा केंद्रों की स्थापना की प्रक्रिया को भी आगे बढ़ाया गया है।
अतीत में सीपीआईएम और तृणमूल कांग्रेस के शासनकाल के दौरान राज्य के शिक्षा क्षेत्र को अपर्याप्त बुनियादी ढांचे, भर्ती में देरी और छात्रों के लिए अवसरों की कमी जैसी गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ा था। वर्तमान सरकार गुणवत्ता, पहुँच, पारदर्शिता और परिणामों पर ध्यान केंद्रित करते हुए शिक्षा प्रणाली का पुनर्गठन और सुदृढ़ीकरण कर रही है, तथा तकनीकी व उच्च शिक्षण संस्थानों का विस्तार इसी अभियान का एक प्रमुख हिस्सा है।
क्षेत्र और समग्र राज्य के युवाओं की शैक्षणिक आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के प्रति आभार व्यक्त किया गया है।





