फुलबारी: पश्चिम बंगाल के मंत्री दिलीप घोष ने शनिवार को उत्तरकन्या में दार्जिलिंग और कालिम्पोंग जिलों के प्रशासनिक अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। इस बैठक में पहाड़ एवं डुवार्स के विकास कार्यों, पंचायतों की स्थिति, जीटीए के कामकाज और कर्मचारियों की कमी जैसे मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक के बाद पत्रकारों से बात करते हुए मंत्री घोष ने कहा कि समीक्षा सकारात्मक और विस्तृत रही, हालांकि कुछ क्षेत्रों में काम की गति उम्मीद के मुताबिक नहीं पाई गई। उन्होंने बताया कि पहाड़ी क्षेत्र की समस्याएं, जीटीए में कर्मचारियों की कमी और भारी बारिश के कारण विकास कार्यों की रफ्तार कुछ धीमी हुई है।
प्रत्येक बीडीओ के साथ हुई चर्चा के बाद समस्याओं की पहचान कर ली गई है और आने वाले दिनों में विकास कार्यों में तेजी आने की उम्मीद है।
भ्रष्टाचार के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि जिन पंचायतों से शिकायतें मिली हैं, उनमें से लगभग १० प्रतिशत पंचायतों में विशेष ऑडिट कराया जा रहा है। जीटीए में भी भ्रष्टाचार की शिकायतें मिलने की बात कहते हुए उन्होंने आश्वासन दिया कि कर्मचारियों और बुनियादी ढांचे की कमी को दूर करने के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।
राज्य की वर्तमान राजनीतिक स्थिति और आगामी उपचुनावों पर बोलते हुए दिलीप घोष ने कहा कि नामांकन के लिए अभी पर्याप्त समय है और कोई भी उम्मीदवार पर्चा भर सकता है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अन्य राजनीतिक दलों की आंतरिक समस्याओं के लिए भाजपा जिम्मेदार नहीं है। बंगाल की जनता अब भाजपा से ही विकास की उम्मीद रख रही है, इसलिए उपचुनाव के नतीजे भाजपा के पक्ष में आएंगे और पार्टी भारी अंतर से जीत दर्ज करेगी।





