इसरो ने लॉन्च किया देश का पहला जियो-इमेजिंग उपग्रह ईओएस-०५
नई दिल्ली: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने शुक्रवार को इतिहास रचते हुए भू-तुल्यकालिक कक्षा में स्थापित होने वाले देश के पहले ‘इमेजिंग’ उपग्रह ईओएस-०५ का सफल प्रक्षेपण किया। आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से जीएसएलवी-एफ१७ रॉकेट के जरिए २,३६७ किलोग्राम वजनी उपग्रह को निर्धारित कक्षा में सफलतापूर्वक स्थापित किया गया।
’आसमान से नजर रखने वाली आंख’
मिशन से जुड़े वरिष्ठ वैज्ञानिकों ने इसे ‘‘आसमान से नजर रखने वाली आंख’’ करार दिया है। यह उपग्रह वास्तविक समय (रियल टाइम) में तस्वीरें उपलब्ध कराएगा, जिससे कृषि और आपदा प्रबंधन के क्षेत्रों में देश को बहुत मदद मिलेगी। इसरो प्रमुख वी. नारायणन ने सफल प्रक्षेपण की घोषणा करते हुए कहा कि यह श्रीहरिकोटा से १०७वां प्रक्षेपण और जीएसएलवी का १९वां मिशन है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यह जीएसएलवी द्वारा अंतरिक्ष में भेजा गया अब तक का सबसे भारी उपग्रह है और इसरो ने इसके लिए रॉकेट की क्षमता में काफी सुधार किया है।
९ साल तक करेगा काम
करीब ३६,००० किलोमीटर की ऊंचाई पर स्थापित होने वाला यह उपग्रह पृथ्वी की घूर्णन गति के साथ तालमेल बैठाकर काम करेगा। इसरो प्रमुख ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि इस पृथ्वी अवलोकन उपग्रह की कार्य अवधि ९ वर्ष है। उन्होंने इन अटकलों को खारिज किया कि यह कोई टोही उपग्रह है।
उल्लेखनीय है कि शुक्रवार तड़के २ बजकर ५५ मिनट पर हुए इस प्रक्षेपण को देखने के लिए बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में लोग पहुंचे थे। यह सफलता इसरो और उसके औद्योगिक साझेदारों के कड़े परिश्रम का परिणाम है।





