नई दिल्ली: अफ़्रीकी देश कांगो में इबोला वायरस का प्रकोप लगातार गंभीर रूप लेता जा रहा है। कांगो में इबोला के मामलों की संख्या ६ हजार को पार कर गई है, जबकि इस बीमारी से अब तक २,९११ लोगों की मौत हो चुकी है।
अधिकारियों के अनुसार, संक्रमितों में से १,३६० से अधिक लोग ठीक भी हो चुके हैं, जिसे एक ‘उत्साहजनक’ घटनाक्रम माना जा रहा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने चेतावनी दी है कि यह प्रकोप अब भी नियंत्रण से बाहर है और इसके २०१४-२०१६ के दौरान पश्चिम अफ्रीका में फैले इबोला प्रकोप से भी अधिक घातक होने की आशंका है। उस दौरान गिनी, लाइबेरिया और सिएरा लियोन में ११ हजार से अधिक लोगों की जान गई थी।
स्थिति पर काबू पाने के लिए कांगो सरकार ने पिछले सप्ताह से स्वास्थ्यकर्मियों और फ्रंटलाइन कार्यकर्ताओं को ‘एर्वीबो’ टीका देना शुरू कर दिया है। जायरे वायरस के कारण फैले पिछले प्रकोपों में यह टीका काफी प्रभावी साबित हुआ था।
दूसरी ओर, पड़ोसी देश युगांडा द्वारा खुद को इबोला मुक्त घोषित करने के बावजूद डब्ल्यूएचओ ने कहा है कि सीमा पार संक्रमण फैलने का खतरा अभी भी बरकरार है।





