बिर्तामोड़: इस्लाम धर्मावलंबियों के अंतिम पैगंबर हजरत मोहम्मद सलल्लाहो (रसूल) की १५०१वीं जयंती आज मनाई जा रही है।
विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन कर मोहम्मद की जयंती का पर्व मनाया जा रहा है। मोहम्मद जयंती मुस्लिम समुदाय द्वारा श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाने वाला एक महत्वपूर्ण पर्व है। नेपाली मुस्लिम समुदाय इस पर्व को ‘मोहम्मद डे’ के नाम से भी मनाता है।
इस दिन मुस्लिम धर्मावलंबी खुशी व्यक्त करते हुए हजरत मोहम्मद की शिक्षाओं का स्मरण करते हैं। मस्जिदों में कुरान का पाठ, सामूहिक भोजन तथा एक-दूसरे को शुभकामनाएं देने जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। मुस्लिम समुदाय हजरत मोहम्मद को अपना पैगंबर और संदेशवाहक मानता है।
पैगंबर मोहम्मद का जन्म सऊदी अरब के मक्का में हुआ था। बाद में वे सऊदी अरब के मदीना चले गए। उनके जन्म के 53 वर्ष बाद इस्लामी कैलेंडर (हिजरी संवत्) की शुरुआत हुई थी।









