पूर्वी भारत में पहली बार रोबोटिक सर्जरी और गर्म कीमोथेरेपी से ४२ वर्षीय महिला ने दी ओवेरियन कैंसर को मात

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हावड़ा: पूर्वी भारत में पहली बार रोबोटिक साइटोरिडक्टिव सर्जरी (सीआरएस) और हाइपरथर्मिक इंट्रापेरिटोनियल कीमोथेरेपी (हाईपेक) के अनूठे संयोजन से एडवांस्ड ओवेरियन कैंसर का सफल इलाज किया गया है। हावड़ा स्थित नारायण अस्पताल में भर्ती ४२ वर्षीय महिला ने इस अत्याधुनिक इलाज के जरिए कैंसर पर विजय हासिल की है।
​पारंपरिक ओपन सर्जरी के बजाय बेहद छोटे चीरे से की गई इस रोबोटिक सर्जरी के कारण मरीज को मात्र ३ दिनों के भीतर अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। पेट में सूजन और तरल पदार्थ जमा होने की शिकायत के बाद अस्पताल आई महिला में स्टेज ३ सी ओवेरियन कैंसर की पुष्टि हुई थी। शुरुआत में उनका कैंसर मार्कर सीए १२५ का स्तर १,१५८ दर्ज किया गया था, जो सर्जरी से पहले दी गई कीमोथेरेपी के ३ चक्रों के बाद घटकर १०.३ पर आ गया।
​ट्यूमर का आकार घटकर ८ सेंटीमीटर से कम होने पर मेडिकल बोर्ड ने ओपन सर्जरी के बजाय रोबोटिक सीआरएस का विकल्प चुना। लगभग ५ घंटे चली इस रोबोटिक सर्जरी के जरिए दिखाई देने वाले सभी ट्यूमर हटा दिए गए। इसके तुरंत बाद सूक्ष्म कैंसर कोशिकाओं को पूरी तरह नष्ट करने के लिए ४२ डिग्री सेल्सियस पर गर्म कीमोथेरेपी दवा (सिस्प्लाटिन) को ९० मिनट तक पेट के भीतर प्रवाहित किया गया।
​अस्पताल के वरिष्ठ सलाहकार डॉ. कौस्तव बासु ने बताया कि कीमोथेरेपी के प्रति मरीज की बेहतरीन प्रतिक्रिया और बेहतर स्वास्थ्य के कारण ही यह तकनीक सफल रही। इससे मरीज को लंबी रिकवरी और बड़े चीरे के जोखिम से राहत मिली है। वर्तमान में मरीज अपना फॉलो-अप इलाज पूरा कर पूरी तरह स्वस्थ हैं और सामान्य दैनिक जीवन में लौट चुकी हैं।

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