बीजिंग: चीन में फूड डिलीवरी का काम करने वाले ५६ वर्षीय वांग जिबिंग को देश के सबसे प्रतिष्ठित साहित्यिक सम्मानों में से एक ‘लू शुन साहित्य पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया है। ‘डिलिबरी पोएट’ के नाम से मशहूर जिबिंग को उनके कविता संग्रह ‘लो अल्टीट्यूड फ्लाइट’ (लो फ्लाइट) के लिए १५ जुलाई २०२६ को यह पुरस्कार मिला। इस किताब की कई कविताएं उन्होंने फूड डिलीवरी के बीच मिले खाली समय में कागज के छोटे-छोटे टुकड़ों पर लिखी थीं।
वर्ष २०१९ के आसपास फूड डिलीवरी राइडर बने वांग का साहित्यिक सफर वर्ष २०२२ में उनकी कविता ‘मैन इन ए हरी’ के सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद शुरू हुआ। वर्ष २०१९ में जियांगसू के कुनशान शहर में एक ग्राहक द्वारा गलत पता दर्ज करने के कारण उन्हें १८ मंजिल तक सीढ़ियां चढ़नी पड़ी थीं और देर से पहुंचने पर ग्राहक ने उन्हें डांट दिया था। इसी नाराजगी और दर्द को उन्होंने कविता में ढाला, जो बाद में वायरल हो गई और वर्ष २०२३ में उनका पहला कविता संग्रह प्रकाशित हुआ।
अब तक ६ हजार से अधिक कविताएं लिख चुके वांग हर महीने फूड डिलीवरी से ६ हजार युआन (करीब ८५ हजार रुपये) कमा लेते हैं। पुरस्कार जीतने के बाद भी उन्होंने साफ किया है कि वे अपनी नौकरी नहीं छोड़ेंगे और ६० वर्ष की उम्र तक फूड डिलीवरी का काम जारी रखना चाहते हैं। चीन में हाल के वर्षों में गिग इकोनॉमी में काम करने वाले ब्लू-कॉलर कामगारों (मजदूर लेखकों) की साहित्यिक पहचान तेजी से बढ़ रही है।
महान साहित्यकार लू शुन के नाम पर स्थापित यह पुरस्कार हर ४ साल में ‘चाइना राइटर्स एसोसिएशन’ द्वारा दिया जाता है और इसे समकालीन चीनी साहित्य का सबसे बड़ा पैमाना माना जाता है।









