नई दिल्ली: उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने नई दिल्ली स्थित उपराष्ट्रपति भवन में जंजीबार के राष्ट्रपति और क्रांतिकारी परिषद के अध्यक्ष महामहिम डॉ. हुसैन अली म्विन्यी के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की। इस बैठक के दौरान भारत-तंजानिया साझेदारी और जंजीबार के साथ भारत के सदियों पुराने समुद्री व सांस्कृतिक संबंधों को और मजबूत करने पर बल दिया गया।
बैठक में दोनों नेताओं ने व्यापार, निवेश, विकास साझेदारी, पर्यटन, ब्लू इकोनॉमी, शिक्षा, प्रौद्योगिकी और बहुपक्षीय जुड़ाव जैसे प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के उपायों पर विस्तार से चर्चा की।
आईआईटी मद्रास परिसर की प्रशंसा
जंजीबार के राष्ट्रपति डॉ. हुसैन अली म्विन्यी ने चेन्नई में आईआईटी मद्रास परिसर के अपने दौरे पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने जंजीबार में ‘आईआईटी मद्रास जंजीबार परिसर’ की स्थापना के लिए भारत के सहयोग की सराहना करते हुए इसे द्विपक्षीय शैक्षिक सहयोग में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर बताया। इसके साथ ही उन्होंने जलापूर्ति परियोजनाओं, भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद(आईसीसीआर) छात्रवृत्ति और भारतीय तकनीकी और आर्थिक सहयोग(आईटीईसी) प्रशिक्षण कार्यक्रमों के लिए भारत द्वारा दी जा रही सहायता के प्रति आभार व्यक्त किया।
उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने तंजानिया और जंजीबार के साथ साझा विकास आकांक्षाओं को आगे बढ़ाने और विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत करने की भारत की प्रतिबद्धता को दोहराया।









