ढाका: बांग्लादेशकी तारिक रहमान सरकार ने पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना और उनके व्यावसायिक साम्राज्य पर अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। शेख हसीना द्वारा इस साल के आखिर में बांग्लादेश लौटने के एलान के ठीक कुछ दिनों बाद सरकार ने उन पर शिकंजा कसते हुए उनसे और उनके परिवार से जुड़ी ७६० अरब टका (करीब ६.२ अरब डॉलर) की संपत्ति को सीज कर दिया है।
बांग्लादेश फाइनेंशियल इंटेलिजेंस यूनिट के मुताबिक, जब्त की गई कुल संपत्ति में से ५७० अरब टका की संपत्ति देश के भीतर की है, जबकि १९० अरब टका की संपत्ति विदेशों में सीज की गई है। एजेंसी के प्रमुख इख्तियार मोहम्मद मामून ने जानकारी दी है कि विदेश भेजे गए धन को वापस लाने के लिए प्रयास तेज कर दिए गए हैं और इस साल के अंत तक इसमें सफलता मिलने की उम्मीद है।
इसी साल फरवरी में हुए आम चुनावों के बाद सत्ता में आई तारिक रहमान के नेतृत्व वाली सरकार ने शेख हसीना पर अपने १५ साल के कार्यकाल के दौरान भ्रष्टाचार करने, अकूत संपत्ति जमा करने और अपने करीबियों व रिश्तेदारों को अवैध तरीके से फायदा पहुंचाने का आरोप लगाया है. दूसरी तरफ, बांग्लादेश सरकार ने शेख हसीना के स्वदेश लौटने के बयान पर कहा है कि वह उनकी वापसी का स्वागत करती है, बशर्ते वे यहां आकर न्याय का सामना करें।
गौरतलब है कि अगस्त २०२४ में छात्रों के हिंसक विरोध प्रदर्शनों के बाद शेख हसीना की सरकार गिर गई थी और उन्हें देश छोड़कर भारत में शरण लेनी पड़ी थी। इसके बाद मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार के समय इंटरनेशनल क्राइम्स ट्रिब्यूनल ने उन्हें मानवता के खिलाफ अपराधों का दोषी ठहराते हुए मौत की सजा सुनाई थी और उनकी पार्टी अवामी लीग को भी प्रतिबंधित कर दिया गया था। हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में हसीना ने कहा था कि वे बांग्लादेश लौटकर आत्मसमर्पण करेंगी और अपने खिलाफ लगे इन सभी आरोपों का सामना करेंगी, जिन्हें वे राजनीति से प्रेरित और झूठा मानती हैं।










