​वनडे और टी२० वर्ल्ड कप के प्रारूप में व्यापक बदलाव की घोषणा की आईसीसी ने

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​नयी दिल्ली: आईसीसी ने २०२७ पुरुष वनडे वर्ल्ड कप के प्रारूप (फॉर्मेट) में बड़ा बदलाव किया है। दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया की संयुक्त मेजबानी में होने वाले इस टूर्नामेंट में १४ टीमें हिस्सा लेंगी, लेकिन पहली बार ‘सुपर सीरीज’ और ‘सुपर ७’ जैसे नए दौर (राउंड) देखने को मिलेंगे। टूर्नामेंट के शुरुआती दौर के मैचों को और अधिक रोमांचक बनाने के लिए आईसीसी ने यह बदलाव किया है। इसके साथ ही टी२० वर्ल्ड कप के प्रारूप में भी बदलाव किया गया है। आईसीसी वनडे वर्ल्ड कप २०२७ में और टी२० वर्ल्ड कप २०२८ में आयोजित होगा।
​वनडे वर्ल्ड कप के पिछले संस्करण में १० टीमों ने हिस्सा लिया था और शुरुआती दौर में सभी टीमों ने एक-दूसरे के खिलाफ मैच खेले थे। इस तरह हर टीम ने ९-९ मैच खेले थे। इसके बाद अंक तालिका की शीर्ष ४ टीमों ने सेमीफाइनल के लिए क्वालीफाई किया था, जिसके बाद फाइनल मुकाबला खेला गया था। अब २०२७ के वर्ल्ड कप में १४ टीमें हिस्सा लेंगी, लेकिन सभी टीमें सीधे ग्रुप राउंड में नहीं पहुंचेंगी।
​इन १४ टीमों में से रैंकिंग में सबसे निचले स्थान पर रहने वाली ३ टीमों के बीच ‘सुपर सीरीज’ खेली जाएगी। इस तरह १२वें से १४वें स्थान पर रहने वाली टीमें सुपर सीरीज में हिस्सा लेंगी और वहां से केवल एक टीम अगले दौर में पहुंचेगी, जबकि दो टीमें बाहर हो जाएंगी। इस प्रकार १४ टीमें होने के बावजूद मुख्य प्रतियोगिता केवल १२ टीमों के साथ शुरू होगी, जिन्हें २ ग्रुपों में बांटा जाएगा।
​प्रत्येक ग्रुप से शीर्ष ३ टीमें सीधे ‘सुपर ७’ दौर में प्रवेश करेंगी। इस तरह दोनों ग्रुपों से कुल ६ टीमें आगे बढ़ेंगी। इसके अलावा शेष एक टीम का चयन चौथे स्थान पर रहने वाली सर्वश्रेष्ठ टीम से होगा। इस तरह कुल ७ टीमें सुपर ७ में पहुंचेंगी। इस दौर में प्रत्येक टीम एक-दूसरे के खिलाफ मैच खेलेगी और अंक तालिका के आधार पर शीर्ष ४ टीमें सेमीफाइनल में जगह बनाएंगी। सेमीफाइनल की विजेता टीमों के बीच फाइनल में भिड़ंत होगी। उल्लेखनीय है कि आईसीसी ने २०२७ वर्ल्ड कप में १४ टीमें रखने का फैसला जून २०२१ में ही कर लिया था।
​इसी तरह टी२० वर्ल्ड कप के प्रारूप में भी आईसीसी ने कुछ बदलाव किए हैं। टूर्नामेंट के दूसरे दौर में अब ८ के बजाय १० टीमें खेलेंगी। पहले ग्रुप राउंड के बाद ‘सुपर ८’ दौर होता था, लेकिन अब ‘सुपर १०’ दौर होगा। इससे एसोसिएट टीमों के अगले दौर में पहुंचने की संभावना बढ़ जाएगी।
​पहले २० टीमों को ४ ग्रुपों में बांटा जाता था, लेकिन अब २० टीमों को ५ ग्रुपों में बांटा जाएगा। इस तरह प्रत्येक ग्रुप में ४-४ टीमें होंगी। हर ग्रुप से शीर्ष २ टीमें आगे बढ़ेंगी। इस प्रकार कुल १० टीमें अगले दौर में पहुंचेंगी।
​सुपर १० में इन दस टीमों को दो ग्रुपों में बांटा जाएगा। प्रत्येक ग्रुप से शीर्ष पर रहने वाली टीमें सीधे सेमीफाइनल में जगह बनाएंगी। वहीं दूसरे और तीसरे स्थान पर रहने वाली टीमों के बीच आईपीएल की तर्ज पर एलिमिनेटर मैच खेले जाएंगे। पिछले संस्करण में सुपर ८ दौर में दोनों ग्रुपों की शीर्ष दो स्थानों पर रहने वाली टीमें सेमीफाइनल में पहुंचती थीं। अब नए प्रारूप के साथ सुपर १० से केवल दो टीमें सीधे सेमीफाइनल में पहुंचेंगी।
​एलिमिनेटर में ग्रुप ए के दूसरे स्थान पर रहने वाली टीम का मुकाबला ग्रुप बी के तीसरे स्थान पर रहने वाली टीम से होगा। इसी तरह ग्रुप बी के दूसरे स्थान पर रहने वाली टीम ग्रुप ए के तीसरे स्थान पर रहने वाली टीम के खिलाफ खेलेगी। इन दोनों मैचों की विजेता टीमें सेमीफाइनल में पहुंचेंगी। इस तरह ४ टीमों के बीच सेमीफाइनल और बाद में फाइनल मुकाबला खेला जाएगा।

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