राज्य में पूरी तरह लागू होगी राष्ट्रीय शिक्षा नीति
कोलकाता: पश्चिम बंगाल की शिक्षा व्यवस्था में गुणात्मक सुधार लाने और युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी और केंद्रीय शिक्षा राज्यमंत्री डॉ. सुकांत मजूमदार की अध्यक्षता में एक अत्यंत महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस उच्चस्तरीय बैठक में पश्चिम बंगाल के उच्च एवं स्कूली शिक्षा मंत्रियों के साथ-साथ केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय और राज्य शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया। बैठक के दौरान राज्य के सरकारी और सहायता प्राप्त शिक्षण संस्थानों में बुनियादी सुविधाओं के विकास तथा शैक्षणिक स्तर को वैश्विक मानकों के अनुरूप बनाने पर विस्तृत चर्चा की गई।

इस बैठक का सबसे बड़ा निर्णय यह रहा कि राज्य सरकार ने बंगाल के विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी २०२०) के सभी प्रावधानों को पूरी तरह से लागू करने के अपने संकल्प को दोहराया है। केंद्र और राज्य के अधिकारियों के बीच बनी इस सहमति के बाद अब राज्य में शिक्षा से जुड़ी विभिन्न केंद्रीय योजनाओं और लंबित फंड को जारी करने का रास्ता साफ हो गया है। बैठक में इस बात पर विशेष बल दिया गया कि शिक्षा के क्षेत्र में राजनीति से ऊपर उठकर काम करने की आवश्यकता है ताकि बंगाल के छात्र राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में अपनी मजबूत पहचान बना सकें।
बैठक के दौरान राज्य में शिक्षकों की कमी को दूर करने, नई नियुक्तियों में पारदर्शिता लाने और स्कूल स्तर पर बुनियादी ढांचे जैसे पेयजल, शौचालय और डिजिटल लैब्स को दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि राज्य के सुदूर क्षेत्रों के बच्चों तक आधुनिक शिक्षा पहुंचाना सरकार का मुख्य लक्ष्य है और इसमें राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रावधान मील का पत्थर साबित होंगे। वहीं, केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. सुकांत मजूमदार ने भरोसा दिलाया कि केंद्र सरकार बंगाल के शैक्षणिक विकास के लिए हरसंभव वित्तीय और तकनीकी मदद देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इस साझा प्रयास से आने वाले समय में बंगाल के शिक्षा क्षेत्र में बड़े और सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेंगे।










