झापा पुलिस की घोर लापरवाही

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व्यवसायी की अनुपस्थिति का फायदा उठा गोदाम का ताला तोड़ा, वैध तरबूज के बीज सीमा शुल्क कार्यालय को सौंपे

भद्रपुर: ​झापा पुलिस द्वारा कानूनी प्रक्रिया पूरी कर आयात किए गए ९४८ बोरी तरबूज के बीज (वाटरमेलन सीड) को जब्त करने के दौरान मनमानी करने और कानूनी मर्यादा की धज्जियां उड़ाने का मामला सामने आया है। जिला पुलिस कार्यालय झापा की पुलिस अधीक्षक (एसपी) बसुंधरा खड़का के सीधे नेतृत्व में गई टीम द्वारा व्यवसायी के जिले से बाहर होने की स्थिति में गोदाम का ताला जबरन तोड़कर सामान जब्त करने और उसे भद्रपुर सीमा शुल्क (भन्सार) कार्यालय को सौंपने का खुलासा हुआ है।
​पुलिस द्वारा अवैध होने का दावा किए गए उक्त सामान के सभी आधिकारिक कर बीजक (टैक्स इनवॉइस) और राजस्व अनुसंधान विभाग के व्हीकल एंड कंसाइनमेंट ट्रैकिंग सिस्टम (वीसीटीएस) के प्रमाण सुरक्षित होने के बावजूद पुलिस की इस मनमानी शैली ने व्यापारिक क्षेत्र में डर और आक्रोश पैदा कर दिया है।
​व्यवसायी के बाहर होने के मौके पर ‘पुलिस प्रमुख के ही कमान’ में बल प्रयोग
​घटना विवरण के अनुसार, भद्रपुर नगरपालिका वार्ड नंबर ३ स्थित ज्ञानु चौक पर स्थित ‘माँ दुर्गा ऑर्डर सप्लायर्स’ के गोदाम पर पुलिस ने छापा मारा था। उस दौरान सप्लायर्स के संचालक व्यावसायिक काम के सिलसिले में झापा से बाहर थे।
​गोदाम में कोई न होने और आवश्यक कानूनी दस्तावेज दिखाने का मौका तक दिए बिना, जिला पुलिस प्रमुख के ही कमान में तैनात टीम ने गोदाम का ताला जबरन तोड़ दिया। गोदाम के भीतर भंडारण कर रखे गए कुल ९४८ बोरी तरबूज के बीज पर पुलिस ने ‘अवैध’ का टैग लगाते हुए उसे तुरंत भद्रपुर सीमा शुल्क कार्यालय को सौंप दिया।
​७० लाख से अधिक का सामान, राज्य को दिया गया है पूरा टैक्स
​व्यवसायी द्वारा सार्वजनिक किए गए आधिकारिक दस्तावेजों के अनुसार, उक्त तरबूज के बीज वीरगंज की दो अलग-अलग व्यावसायिक फर्मों से पूरी कानूनी प्रक्रिया और कर (टैक्स) भुगतान कर झापा लाए गए थे:
​१. कुबेर एक्जिम प्रा. लि. (वीरगंज): बिल नं. २७८ के माध्यम से १८,००० किलोग्राम (४२३ बोरी) बीज, जिसकी कीमत रु. ३२,५४,४००/- (१३% वैट सहित) है। (वीसीटीएस कंसाइनमेंट आईडी: ८२८३००९८९६१४६)
​२. पशुपति एक्जिम प्रा. लि. (वीरगंज): बिल नं. ७ के माध्यम से २१,००० किलोग्राम (५२५ बोरी) बीज, जिसकी कीमत रु. ३७,९६,८००/- (१३% वैट सहित) है। (वीसीटीएस कंसाइनमेंट आईडी: ८२८३०१११७५१२६)
​अर्थ मंत्रालय के ऑनलाइन ट्रैकिंग (वीसीटीएस) में भी प्रविष्टि (एंट्री) हो चुके और करीब ७० लाख ५१ हजार रुपये मूल्य के वैध सामान को पुलिस ने किस स्वार्थ में आकर ‘तस्करी का सामान’ बताते हुए ताला तोड़कर जब्त किया, यह बात रहस्यमयी बनी हुई है।
​पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल
​पुलिस द्वारा किसी भी स्थान पर छापा मारते या सामान जब्त करते समय संबंधित मालिक, स्थानीय प्रतिनिधि या गवाहों को रोहवर (मौजूदगी) में रखने का कानूनी प्रावधान है। लेकिन, व्यवसायी की अनुपस्थिति में सीधे ताला तोड़कर सामान सीमा शुल्क कार्यालय ले जाने से झापा पुलिस की नीयत और जांच क्षमता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
​पीड़ित व्यवसायी तथा माँ दुर्गा ऑर्डर सप्लायर्स के संचालक राजू थापामगर की शिकायत:
“हम राज्य को नियमानुसार टैक्स चुकाकर व्यवसाय कर रहे हैं। मेरे झापा से बाहर होने के मौके का फायदा उठाकर, दस्तावेज देखने या दिखाने का सामान्य अवसर भी दिए बिना जिले के पुलिस प्रमुख के नेतृत्व में गुंडागर्दी की शैली में गोदाम का ताला तोड़ा गया। वैध सामान को जबरन सीमा शुल्क कार्यालय सौंपने से न केवल हमारी व्यावसायिक साख गिरी है, बल्कि कानूनी राज्य का भी मज़ाक उड़ाया गया है।”
​आधिकारिक वैट बिल और सरकारी राजस्व ट्रैकिंग सिस्टम के प्रमाण मिल जाने के कारण सीमा शुल्क कार्यालय को उक्त सामान तुरंत छोड़ देना चाहिए और बिना किसी कारण व्यवसायी को मानसिक और आर्थिक क्षति पहुँचाने वाले पुलिस नेतृत्व पर जांच होनी चाहिए, ऐसी मांग स्थानीय उद्योगपतियों और व्यवसायियों ने की है।

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