सिलीगुड़ी: उत्तर बंगाल के फुलबारी इलाके में केंद्र सरकार की ग्रामीण रोजगार योजना ‘विकसित भारत– गारंटी फॉर रोजगार एंड आजिविका मिशन ग्रामीण’ (भीबी-जी राम जी) के तहत १२५ दिनों के कार्य कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत हो गई है। पहले ‘१०० दिनों के काम’ या ‘मनरेगा’ के नाम से मशहूर इस महत्वाकांक्षी ग्रामीण रोजगार योजना को हाल ही में केंद्र सरकार द्वारा नया नाम दिया गया है। राज्य सरकार ने ग्रामीण श्रमिकों के आर्थिक सशक्तिकरण को देखते हुए पहले ही १२५ दिवसीय रोजगार कार्यक्रम शुरू करने की घोषणा की थी, जिसके तहत अब जमीनी स्तर पर काम शुरू हो चुका है।
इस योजना के शुरू होने से ग्रामीण इलाकों के मजदूरों में उम्मीद की नई किरण जगी है और पूरे क्षेत्र में उत्साह का माहौल है। मंगलवार को फुलबारी-द्वितीय ग्राम पंचायत क्षेत्र में एक सामुदायिक नाला निर्माण परियोजना के साथ इस कार्य का शुभारंभ किया गया। पूर्व धनतला हाई स्कूल से जोरापानी नदी तक बनने वाले इस ड्रेनेज प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत १,४८,८३५ रुपये है।
इस परियोजना का उद्घाटन २६ ग्रामीण श्रमिकों की उपस्थिति में नारियल फोड़कर और रिबन काटकर पारंपरिक तरीके से किया गया। उद्घाटन कार्यक्रम में ग्राम पंचायत प्रधान रफिकुल इस्लाम, पंचायत सदस्य उत्तम सरकार, सामाजिक कार्यकर्ता राहुल बर्मन, सूर्य मल्लिक, मामनी दास और मीनू रॉय सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे। इस पहल से न केवल ग्रामीण आबादी को संकट के समय रोजगार मिलेगा, बल्कि मानसून के दौरान होने वाले जलजमाव की समस्या से भी स्थानीय लोगों को राहत मिलेगी।










