​पश्चिम बंगाल की शिक्षा व्यवस्था में बड़े सुधार की तैयारी: नीति आयोग की बैठक में वैश्विक मानकों और इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर​

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कोलकाता: पश्चिम बंगाल की शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक, गुणवत्तापूर्ण और वैश्विक मानकों के अनुरूप बनाने के उद्देश्य से नीति आयोग में हाल ही में एक उच्चस्तरीय बैठक हुई। पश्चिम बंगाल के स्कूल शिक्षा मंत्री दीपक बर्मन और उच्च शिक्षा मंत्री जगन्नाथ चट्टोपाध्याय ने नीति आयोग के उपाध्यक्ष अशोक कुमार लाहिड़ी से मुलाकात कर राज्य के शिक्षा क्षेत्र की प्राथमिकताओं और सुधारों पर विस्तार से चर्चा की।​बैठक में स्कूल और उच्च शिक्षा के व्यापक सुधार पर विशेष जोर दिया गया, जिसके तहत मौजूदा संस्थागत व्यवस्थाओं को अधिक सक्षम और प्रभावी बनाया जाएगा। इसके अंतर्गत शैक्षणिक आधारभूत ढांचे को मजबूत करने, छात्राओं के लिए हॉस्टल सुविधाओं का विस्तार करने, सभी स्कूलों में STEM (विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित) शिक्षा की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा पीएम ई-विद्या और ई-स्मार्थ पोर्टल के प्रभावी क्रियान्वयन पर सहमति बनी है।​राज्य की शिक्षा को डिजिटल और वैश्विक स्तर पर ले जाने के लिए बैठक में एभीजीसी (एनिमेशन, विज़ुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक्स) कंटेंट क्रिएटर लैब की स्थापना, यूनिवर्सिटी टाउनशिप विकसित करने तथा विदेशी विश्वविद्यालयों में छात्रों के प्रवेश को सुगम बनाने के उपायों पर भी विचार-विमर्श हुआ। इसके अलावा, पश्चिम बंगाल के विश्वविद्यालयों को अंतरराष्ट्रीय विद्यार्थियों के लिए एक आकर्षक शैक्षणिक केंद्र के रूप में विकसित करने की रणनीति बनाई गई है। गुणवत्तापूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर, नवाचार और वैश्विक सहभागिता के माध्यम से राज्य की शिक्षा व्यवस्था को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप सशक्त बनाना ही इस पहल का मुख्य उद्देश्य है।

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