उत्तरकन्या में मुख्यमंत्री की उच्चस्तरीय बैठक: बाढ़ की तैयारियों और सड़क सुरक्षा को लेकर कई अहम फैसले

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सिलीगुड़ी: उत्तर बंगाल क्षेत्र के समग्र विकास, मानसून जनित आपदा प्रबंधन और सड़क सुरक्षा को लेकर मुख्यमंत्री शुभेन्दु अधिकारी की अध्यक्षता में शुक्रवार को ‘उत्तरकन्या’ में एक उच्चस्तरीय प्रशासनिक समीक्षा बैठक संपन्न हुई।
इस बैठक में सिलीगुड़ी, दार्जिलिंग, जलपाईगुड़ी और उत्तर बंगाल के अन्य जिलों के बुनियादी ढांचे और प्रशासनिक सेवाओं को मजबूत करने पर गहन मंथन हुआ।
​बैठक के बाद राज्य के पर्यटन मंत्री डा. शंकर घोष ने मीडिया को संबोधित करते हुए लिए गए महत्वपूर्ण नीतिगत निर्णयों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मालदा, उत्तर दिनाजपुर और दक्षिण दिनाजपुर जिलों में विकास कार्यों के बेहतर समन्वय के लिए मालदा के गज़ोल में उत्तर बंगाल विकास विभाग का एक क्षेत्रीय कार्यालय स्थापित करने का निर्णय लिया गया है।
​बाढ़ से निपटने की मुस्तैदी और राहत कार्य
चूंकि मानसून का सीजन शुरू हो चुका है, इसलिए बैठक में बाढ़ नियंत्रण रणनीतियों पर विशेष जोर दिया गया। मुख्यमंत्री अधिकारी ने सभी जिला प्रशासनों को बाढ़ की पूर्व चेतावनी प्रणाली (अर्ली वार्निङ सिस्टम) को मजबूत करने और किसी भी आपात स्थिति में त्वरित बचाव व राहत अभियान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
​सड़क सुरक्षा के लिए कड़े कदम
हाल ही में हुई मैनागुड़ी बस दुर्घटना के मद्देनजर सड़क सुरक्षा को लेकर कई कड़े फैसले लिए गए हैं। अब एनबीएसटीसी की बसों में गति निगरानी प्रणाली (स्पीड मॉनिटरिंग सिस्टम) को बढ़ाया जाएगा। इसके साथ ही, रात के समय होने वाले हादसों को रोकने के लिए राष्ट्रीय राजमार्गों से बैरिकेड्स हटाए जाएंगे और निगरानी तंत्र को मजबूत किया जाएगा। पारदर्शिता के लिए बीएलआरओ कार्यालयों में सीसीटीवी कैमरे भी लगाए जाएंगे।
​बैठक के दौरान मैनागुड़ी दुर्घटना के पीड़ितों के परिवारों को वित्तीय सहायता भी प्रदान की गई और सरकार की ओर से उन्हें हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया गया।

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