भद्रपुर(नेत्र बिक्रम बिमली): भारत और नेपाल सीमा को जोड़ने वाले गलगलिया (भारत)–भद्रपुर–हल्दीबारी (काजलीबाजार, नेपाल) रेलमार्ग का फाइनल लोकेशन सर्वे (एफएलएस) का काम अभी भी जारी है। भारतीय रेल के निर्माण निकाय ‘नर्थइस्ट फ्रन्टियर रेलवे’ (एनएफआर कंस्ट्रक्शन) ने सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत दिए गए एक जवाब में यह आधिकारिक जानकारी साझा की है।
बच्चुराज बरुवाल द्वारा दायर की गई आरटीआई याचिका का जवाब देते हुए एनएफआर ने परियोजना की अब तक की प्रगति का विवरण सार्वजनिक किया है। एनएफआर के अनुसार, इस रेल परियोजना का फाइनल लोकेशन सर्वे स्वीकृत होकर वर्तमान में कार्यान्वयन के चरण में है। सर्वे के लिए जारी किया गया ‘लेटर ऑफ एक्सेप्टेंस’ (एलओए) भी उपलब्ध कराया गया है। हालांकि, सर्वेक्षण का काम अभी भी प्रगति पर होने के कारण इसकी अंतिम समापन रिपोर्ट अभी तैयार नहीं हुई है।
इससे पहले भारतीय रेल मंत्रालय के तहत रेलवे बोर्ड ने नेपाल के साथ रेल संपर्क विस्तार के लिए गलगलिया-भद्रपुर-हल्दीबारी खंड के १२.५ किलोमीटर नए रेलमार्ग के फाइनल लोकेशन सर्वे को स्वीकृति दी थी। इस सर्वेक्षण कार्य के लिए ३१.२५ लाख भारतीय रुपये का बजट भी आवंटित किया गया है।
हल्दीबारी और भद्रपुर के लिए ऐतिहासिक अवसर
यह प्रस्तावित रेल परियोजना हल्दीबारी के काजलीबाजार और झापा के जिला मुख्यालय भद्रपुर क्षेत्र को सीधे भारतीय रेल नेटवर्क से जोड़ेगी। इस रेलमार्ग के निर्माण से हल्दीबारी, भद्रपुर, इलाम और आसपास के क्षेत्रों से कृषि उत्पादों, चाय, लकड़ी और अन्य सामग्रियों के निर्यात में भारी मदद मिलेगी।
पूर्वी सीमा क्षेत्र के व्यापारियों और स्थानीय निवासियों को उम्मीद है कि इस रेलमार्ग के निर्माण से सीमावर्ती क्षेत्रों में रोजगार, व्यापार, पर्यटन और निवेश के नए अवसर पैदा होंगे। बेहतर रेल संपर्क से दोनों देशों के नागरिकों के बीच आवागमन और आसान हो जाएगा। यह परियोजना द्विपक्षीय व्यापार, क्षेत्रीय विकास और दीर्घकालिक रणनीतिक कनेक्टिविटी के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हो सकती है।











