कोलकाता: सिक्किम और पश्चिम बंगाल सरकार के बीच अंतर-राज्यीय परिवहन, बुनियादी ढांचा निर्माण और तीस्ता नदी के वैज्ञानिक प्रबंधन को लेकर एक महत्वपूर्ण सहमति बनी है।सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने पश्चिम बंगाल के नवनिर्वाचित मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से कोलकाता स्थित राज्य सचिवालय ‘नबान्न’ में मुलाकात की, जिसके बाद इन महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगी। मुलाकात की तस्वीरों को सोशल मीडिया पर साझा करते हुए सिक्किम के मुख्यमंत्री ने इसे दोनों राज्यों के संबंधों में एक नई और फलदायी शुरुआत बताया है।मुख्यमंत्री तामांग ने अपने समकक्ष शुभेंदु अधिकारी को कार्यभार संभालने पर बधाई देते हुए उनके सफल कार्यकाल की कामना भी की।सिक्किम के टैक्सी चालकों की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करते हुए पश्चिम बंगाल सरकार ने काउंटर-सिग्नेचर परमिट के कोटे को ३,००० से बढ़ाकर सीधे ६,००० करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। इस फैसले के बाद सिक्किम में पंजीकृत टैक्सियां सिलीगुड़ी सहित पश्चिम बंगाल के विभिन्न हिस्सों में आसानी से आ-जा सकेंगी। इससे सिक्किम के ‘सारथियों’ यानी चालकों को बड़ा आर्थिक लाभ मिलेगा और दोनों राज्यों के बीच कनेक्टिविटी मजबूत होगी।इसके साथ ही इलाज के लिए सिलीगुड़ी आने वाले सिक्किम के नागरिकों की सुविधा के लिए सिलीगुड़ी के एसएनटी परिसर में ‘सुस्वास्थ्य भवन सिक्किम’ के निर्माण के लंबित प्रस्ताव को बंगाल सरकार ने हरी झंडी दे दी है।मुख्यमंत्री अधिकारी ने इस पहल के महत्व को स्वीकार करते हुए संबंधित विभाग को तुरंत अनुमति जारी करने का निर्देश दिया है।वहीं दूसरी ओर वर्ष २०२३ की हिमनद झील विस्फोट बाढ़ के कारण तीस्ता नदी के तल में आई भारी गाद से राष्ट्रीय राजमार्ग-१० को व्यापक नुकसान पहुंचा है, जिससे सिक्किम का संपर्क बार-बार बाधित होता है। इस गंभीर समस्या के स्थायी समाधान के लिए दोनों सरकारों ने संयुक्त रूप से तीस्ता नदी की ड्रेजिंग यानी गाद सफाई करने पर सहमति व्यक्त की है। सिक्किम के मुख्यमंत्री ने बंगाल सरकार के त्वरित और सकारात्मक निर्णयों के लिए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के प्रति गहरा आभार व्यक्त किया है।










