गुवाहाटी: असम में मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी उत्पादन क्षेत्र की अपार संभावनाओं का लाभ उठाते हुए ग्रामीण अर्थव्यवस्था को एक नई गति दी जाएगी।
असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व सराा ने भारत के केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी विकास मंत्री राजीव रंजन सिंह (ललन सिंह) के साथ एक फलदायी बैठक के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक के जरिए इस योजना की आधिकारिक जानकारी साझा की है।
अपने फेसबुक पोस्ट में मुख्यमंत्री सरमा ने उल्लेख किया कि असम की कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए राज्य सरकार ने इन क्षेत्रों को हमेशा सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। उन्होंने बताया कि बैठक में असम को मछली उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने और एक प्रमुख निर्यातक राज्य के रूप में विकसित करने की रणनीति पर विस्तृत चर्चा हुई। मछली उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ प्रोसेसिंग इंफ्रास्ट्रक्चर (प्रसंस्करण बुनियादी ढांचे) को मजबूत करने, वैल्यू चेन (मूल्य श्रृंखला) का विकास करने और बाजार नेटवर्क के विस्तार पर दोनों नेताओं के बीच सहमति बनी है।
इसके साथ ही, मुख्यमंत्री सरमा ने बताया कि राज्य के डेयरी सहकारी क्षेत्र को और अधिक सशक्त बनाने के लिए उन्नत पशु चिकित्सा सेवाएं, पशु औषधि केंद्रों की स्थापना, टेट्रापैक (यूएचटी) और मिल्क पाउडर प्लांट के निर्माण जैसी बड़ी परियोजनाओं को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। कृत्रिम गर्भाधान के माध्यम से गायों की नस्ल सुधार कर दूध उत्पादन बढ़ाने की रणनीति भी तय की गई है। उन्होंने दृढ़ विश्वास व्यक्त किया कि बैठक में तय किए गए इन कदमों को जल्द ही धरातल पर उतारकर असम के ग्रामीण जनजीवन में आर्थिक क्रांति लाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार मिलकर काम करेंगी।









