नई दिल्ली: जारी फीफा विश्वकप २०२६ की सरगर्मी के बीच जर्मन फुटबॉल की सबसे मजबूत टीम बायर्न म्यूनिख ने ट्रांसफर मार्केट में बहुत बड़ा धमाका किया है। बायर्न म्यूनिख ने नीदरलैंड्स के मशहूर डच क्लब पीएसवी आइंडहोवन से खेल रहे मोरक्को के २५ साल के स्टार अटैकिंग मिडफील्डर इस्माइल सैबारी को आधिकारिक तौर पर अपनी टीम में शामिल कर लिया है। इस उभरते हुए युवा खिलाड़ी के टैलेंट को देखते हुए बायर्न म्यूनिख ने उनके साथ लगभग ५० मिलियन यूरो यानी करीब ५४२ करोड़ भारतीय रुपये की भारी-भरकम रकम चुकाकर साल २०३१ तक का एक बेहद लंबा और सुरक्षित कॉन्ट्रैक्ट साइन किया है।
इस्माइल सैबारी ने चालू फीफा वर्ल्ड कप २०२६ में अपनी राष्ट्रीय टीम मोरक्को के लिए जिस स्तर का प्रदर्शन किया है, उसी का नतीजा है कि दुनिया के सबसे बड़े क्लबों में से एक ने उन पर इतना बड़ा दांव खेला है। मोरक्को को वर्ल्ड कप के राउन्ड ऑफ १६ तक पहुंचाने में सैबारी की भूमिका सबसे अहम रही है, जहां उन्होंने ग्रुप स्टेज के तीनों मैचों में लगातार तीन शानदार गोल दागे और नीदरलैंड्स जैसी मजबूत टीम के खिलाफ दबाव वाले मुकाबले के पेनाल्टी शूटआउट में अंतिम व विनिंग पेनाल्टी को ठंडे दिमाग से गोल में बदलकर मोरक्को को ऐतिहासिक जीत दिलाई। रिपोर्ट के अनुसार जब मोरक्को की टीम न्यू जर्सी में अभ्यास कर रही थी, तब सैबारी इस ट्रांसफर से पहले होने वाले मेडिकल टेस्ट और डील को अंतिम रूप देने के लिए अपने एक ट्रेनिंग सेशन में भी शामिल नहीं हुए थे।
इस्माइल सैबारी के टीम में आने से बायर्न म्यूनिख का फॉरवर्ड लाइन अब यूरोप ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में सबसे खतरनाक हो गया है, क्योंकि क्लब के पास पहले से ही इंग्लैंड के कप्तान हैरी केन, जमाल मुसियाला, माइकल ओलिसे, लुइस डियाज और सर्ज गनाब्री जैसे दुनिया के बेस्ट स्ट्राइकर्स मौजूद हैं। स्पेन में जन्मे लेकिन बचपन में बेल्जियम शिफ्ट होने के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मोरक्को का प्रतिनिधित्व करने वाले सैबारी के लिए यह डील किसी सपने के सच होने जैसी है। उन्होंने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि हर बच्चा बचपन में बायर्न म्यूनिख जैसे दुनिया के सबसे बड़े क्लब के लिए खेलने का सपना देखता है, जो हर साल चैंपियंस लीग जीतने के लिए लड़ता है। दूसरी ओर, बायर्न म्यूनिख का पिछला सीजन घरेलू स्तर पर तो बेहतरीन रहा जहां उन्होंने बुंडेसलीगा का खिताब जीता, लेकिन वे यूईएफए चैंपियंस लीग के सेमिफाइनल में पीएसजी के हाथों बाहर हो गए थे और अब सैबारी को साथ लेकर बायर्न का एकमात्र लक्ष्य चैंपियंस लीग की उस अधूरी कसर को पूरा करना है।









