एमएसएमई से ‘आत्मनिर्भर बंगाल’ का संकल्प

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एफएएसआईआई की राष्ट्रीय संगोष्ठी में उद्योग विकास पर मंथन

कोलकाता: अंतरराष्ट्रीय एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम) दिवस २०२६ के अवसर पर फेडरेशन ऑफ एसोसिएशंस ऑफ स्मॉल इंडस्ट्रीज ऑफ इंडिया (एफएएसआईआई) द्वारा कोलकाता में “विकसित बंगाल में एमएसएमई की असीम संभावनाएं” विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का सफल आयोजन किया गया। इंफ्राफ्यूजन इंजीनियरिंग लिमिटेड (आईएफएल) के सहयोग से आयोजित इस गरिमामय कार्यक्रम में उद्योग जगत के प्रतिनिधियों, सरकारी अधिकारियों, बैंकिंग एवं वित्तीय संस्थानों, स्टार्टअप्स, शिक्षाविदों और उद्यमियों ने भारी संख्या में भाग लिया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित मंत्री डॉ. शंकर घोष, मंत्री
डॉ. इंद्रनील खान, मंत्री बिशाल लामा एवं मंत्री अशोक डिंडा सहित कई गणमान्य व्यक्तियों ने एमएसएमई क्षेत्र को आर्थिक विकास, रोजगार सृजन, नवाचार और आत्मनिर्भरता का प्रमुख आधार बताया।
​समारोह को संबोधित करते हुए एफएएसआईआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष शैलेश्वर पांडा ने कहा कि पश्चिम बंगाल के सतत विकास, समृद्धि और रोजगार वृद्धि के लिए एमएसएमई क्षेत्र को विकास की मुख्यधारा में शामिल करना आवश्यक है। यह क्षेत्र युवाओं को नौकरी तलाशने वालों के बजाय नौकरी देने वाला (रोजगारदाता) बना सकता है। उन्होंने राज्य में उद्योग अनुकूल नीतियों, आसान स्वीकृति प्रक्रिया, वित्तीय सहायता, बेहतर औद्योगिक ढांचे और निर्यात को बढ़ावा देने वाले वातावरण की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया। संगोष्ठी में औद्योगिक नीति सुधार, ऋण सुविधा, डिजिटल परिवर्तन, एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) आधारित विनिर्माण, तकनीकी नवाचार, स्टार्टअप विकास, महिला उद्यमिता, कौशल विकास और ग्रामीण औद्योगिक विस्तार जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गहन मंथन हुआ।
​कार्यक्रम के दौरान इंफ्राफ्यूजन इंजीनियरिंग लिमिटेड की सीएसआर (कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व) पहल के तहत आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से सिलाई मशीनों का वितरण भी किया गया। इस अवसर पर रामकृष्ण मिशन के जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी परमानंद गिरी जी महाराज, भारत सेवाश्रम संघ के पद्मश्री स्वामी प्रदीप्तानंद जी महाराज (कार्तिक महाराज) एवं महाराज हिरण्यमय गोस्वामी जी सहित कई आध्यात्मिक हस्तियों ने उद्योग, उद्यमिता और राष्ट्र निर्माण के गहरे संबंध को रेखांकित किया। उद्योग जगत में उनके विशिष्ट योगदान के लिए डॉ. अजीत कुमार जैन, संजय गोयनका, अनिल चनानी और सोमनाथ अडुकिया को सम्मानित किया गया। इस कार्यक्रम को सफल बनाने में एफएएसआईआई पश्चिम बंगाल के चेयरमैन संजय सुरेका, नेशनल इकोनॉमिक एडवाइजर शोभित छवछरिया और वाइस प्रेसिडेंट देवदत्त बनर्जी सहित अन्य पदाधिकारियों का सराहनीय प्रयास रहा, जहाँ एफएएसआईआई ने पश्चिम बंगाल को “विश्वकर्मा बंगाल” के रूप में विकसित करने के अपने संकल्प को दोहराया।

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