डोनाल्ड ट्रंप के दो खास दूत दोहा पहुंचे पर ईरान ने बैठक की योजना से किया इनकार
नयी दिल्ली: अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध समाप्त करने के शुरुआती समझौते को लागू करने के विषय में मध्यस्थों के साथ चर्चा करने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दो विशेष दूत कतर की राजधानी दोहा पहुंचे हैं। ट्रंप के पश्चिम एशिया मामलों के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और उनके दामाद जेरेड कुशनर का यह दौरा फारस की खाड़ी में होर्मुज जलडमरूमध्य(स्ट्रेट ऑफ होर्मुज) को जहाजों की आवाजाही के लिए फिर से खोलने की कोशिशों के बीच हो रहा है। हालांकि, ईरान ने साफ तौर पर कहा है कि दोहा में उसका अमेरिका के साथ किसी भी प्रकार की सीधी बैठक करने का कोई इरादा या योजना नहीं है।
ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माईल बाघेई ने प्रेस ब्रीफिंग के दौरान स्पष्ट किया कि अमेरिकी अधिकारियों के साथ किसी भी स्तर पर बैठक निर्धारित नहीं की गई है। उन्होंने बताया कि बुधवार को दोहा में केवल कतर के अधिकारियों के साथ समझौता ज्ञापन के प्रावधानों के क्रियान्वयन पर तकनीकी चर्चा होने की संभावना है, जिसमें कतर में फंसी ईरान की ६ अरब डॉलर की प्रतिबंधित वित्तीय संपत्ति की रिहाई का मुद्दा भी शामिल है। बाघेई ने लेबनान को लेकर अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि अमेरिका को सभी मोर्चों पर युद्ध समाप्त कराने के अपने वादे को निभाना चाहिए और इजरायल को भी इसके लिए बाध्य करना चाहिए। होर्मुज में बारूदी सुरंग हटाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि ईरान को किसी बाहरी मदद की जरूरत नहीं है और किसी भी विदेशी दखल से स्थिति अधिक जटिल होगी।
कतर के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माजिद अल-अंसारी ने भी तेहरान के दावों की पुष्टि करते हुए कहा कि दोहा में मौजूद अमेरिकी दूत ईरानी राजनयिकों के साथ सीधी बातचीत नहीं करेंगे। उन्होंने साप्ताहिक प्रेस वार्ता में संवाददाताओं को बताया कि फिलहाल दोनों पक्षों के बीच मध्यस्थ बातचीत कर रहे हैं और इसमें कोई भी उच्च-स्तरीय अधिकारी शामिल नहीं हो रहा है। फिलहाल कतर में ईरान का कोई बड़ा अधिकारी नहीं पहुंच रहा है, बल्कि केवल तकनीकी स्तर की बैठकें चल रही हैं, जो मध्यस्थों के माध्यम से आगे बढ़ाई जा रही हैं।










