नई दिल्ली: भारत और भूटान के बीच शिक्षा, कौशल विकास और ज्ञान की साझेदारी को और अधिक मजबूत बनाने को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस उच्च स्तरीय बैठक में भारत के केंद्रीय शिक्षा मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान और भूटान के शिक्षा एवं कौशल विकास मंत्री महामहिम यीज़ांग डे थापा ने आपसी सहयोग बढ़ाने पर विस्तृत चर्चा की।
आधिकारिक जानकारी के अनुसार, दोनों नेताओं के बीच हुई इस वार्ता का मुख्य फोकस शिक्षक प्रशिक्षण (टीचर ट्रेनिंग), कौशल विकास, डिजिटल शिक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), टिकाऊ पर्यटन (सस्टेनेबल टूरिज्म) और समग्र कल्याण (होलिस्टिक वेल-बीइंग) जैसे विषयों पर रहा।
इस बैठक के दौरान दोनों देशों के बीच के सदियों पुराने आध्यात्मिक संबंधों को भी रेखांकित किया गया। बैठक में गुरु पद्मसंभव के योगदान को विशेष रूप से याद किया गया, जिन्हें भूटान में ‘गुरु रिनपोचे’ के रूप में अत्यंत श्रद्धा के साथ पूजा जाता है। वर्तमान भारत के ओडिशा स्थित संबलपुर से ताल्लुक रखने वाले गुरु पद्मसंभव के माध्यम से दोनों देशों के बीच का यह अनूठा आध्यात्मिक बंधन आज भी उतना ही मजबूत है।










