सरकार और पर्यटन उद्योग ने मिलाया हाथ, ‘एक्सपीरियंस बंगाल २.०’ के तहत ५ रणनीतिक प्राथमिकताओं की घोषणा
कोलकाता: पश्चिम बंगाल के पर्यटन क्षेत्र को एक वैश्विक पहचान दिलाने और इसे आर्थिक प्रगति का मुख्य जरिया बनाने के लिए कोलकाता में एक ऐतिहासिक बैठक संपन्न हुई। नवनियुक्त माननीय पर्यटन मन्त्री डॉ. शंकर घोष ने कार्यभार संभालने के मात्र पांच दिनों के भीतर राज्य के अग्रणी राष्ट्रीय और क्षेत्रीय पर्यटन व आतिथ्य (हॉस्पिटलिटी) संघों के प्रतिनिधियों के साथ अपनी पहली परामर्श बैठक की। इस उच्च स्तरीय बैठक में माननीय राज्य मन्त्री सुश्री पूर्णिमा चक्रवर्ती, अतिरिक्त मुख्य सचिव वरुण कुमार राय (आईएएस), पर्यटन निदेशक श्री सौमित्र शंकर सेनगुप्ता सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और उद्योग जगत के प्रतिनिधि उपस्थित थे। बैठक का मुख्य उद्देश्य एक शॉर्ट-टर्म एक्शन प्लान और लॉन्ग-टर्म रोडमैप तैयार करना है।
माननीय मन्त्री जी ने बंगाल की समृद्ध संस्कृति, वन्यजीव, पहाड़ों और त्योहारों को विश्व स्तरीय बनाने के लिए पांच रणनीतिक प्राथमिकताएं प्रस्तुत कीं। इसके तहत पहली प्राथमिकता क्षमता से प्रदर्शन तक है, जो नीतिगत सुधारों, बेहतर बुनियादी ढांचे और सटीक पर्यटन आंकड़ों के माध्यम से वास्तविक परिणाम हासिल करने पर केंद्रित है। दूसरी प्राथमिकता सभी के लिए पर्यटन है, जिसके जरिए अंतरराष्ट्रीय और उच्च-मूल्य वाले घरेलू पर्यटकों के लिए बेहतरीन अनुभव तैयार किया जाएगा, साथ ही पर्यटन को समाज के हर वर्ग के लिए किफायती और सुलभ बनाए रखा जाएगा। तीसरी प्राथमिकता बंगाल ब्रांड की नई पहचान है, जो ‘एक्सपीरियंस बंगाल २.०’ के माध्यम से डिजिटल नवाचार और जिम्मेदार पर्यटन को बढ़ावा देगी। चौथी प्राथमिकता पूर्व का प्रवेश द्वार है, जो हवाई, रेल, सड़क और नदी कनेक्टिविटी को मजबूत कर राज्य को पूर्वी, उत्तर-पूर्वी भारत और पड़ोसी देशों का प्रमुख हब बनाएगी। पांचवीं प्राथमिकता प्रगति के लिए साझेदारी है, जिसके तहत सरकार, निवेशकों, स्थानीय समुदायों और उद्योग के बीच तालमेल बढ़ाया जाएगा और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा दिया जाएगा।
बैठक के प्रमुख फैसलों के अंतर्गत पर्यटन से जुड़ी सभी नीतियों को एक एकीकृत ढांचे के तहत लाने के लिए ‘वेस्ट बंगाल टूरिज्म मास्टर पॉलिसी’ का प्रस्ताव दिया गया है, साथ ही पर्यटन को उद्योग का दर्जा देने के नियमों को प्रभावी ढंग से लागू किया जाएगा। इसके अलावा रिवर टूरिज्म, हेरिटेज टूरिज्म, एडवेंचर टूरिज्म और मेडिकल टूरिज्म जैसे विशिष्ट पर्यटन खंडों के विकास पर विशेष जोर दिया गया। निवेश और पर्यटन परियोजनाओं के प्रस्तावों को त्वरित और पारदर्शी तरीके से मंजूरी देने के लिए विभाग के भीतर एक ‘स्पेशल टुरिजम फेसिलिटेशन सेल’ की स्थापना की घोषणा की गई है। सरकार की इन प्राथमिकताओं के अनुरूप आगे बढ़ने के लिए सभी पर्यटन संघों से अनुरोध किया गया है कि वे अपना तीन वर्षीय विजन और सिफारिशें स्लाइड प्रस्तुति के माध्यम से विभाग को सौंपें।











