ह्यूस्टन: दिग्गज फॉरवर्ड क्रिस्टियानो रोनाल्डो और उनकी टीम पुर्तगाल की फीफा वर्ल्ड कप २०२६ में शुरुआत बेहद निराशाजनक रही है। अपना छठा वर्ल्ड कप खेलने मैदान पर उतरे रोनाल्डो इस मुकाबले में कोई गोल हासिल नहीं कर सके, जिसके चलते उनकी मजबूत टीम पुर्तगाल को डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (डीआर कांगो) ने १-१ की बराबरी पर रोक दिया। ठीक एक दिन पहले ही, रोनाल्डो की तरह अपना छठा वर्ल्ड कप खेल रहे अर्जेंटीना के महान खिलाड़ी लियोनेल मेसी ने एक यादगार हैट्रिक लगाकर मैदान पर तहलका मचाया था। बुधवार की रात फुटबॉल प्रशंसकों को रोनाल्डो से भी कुछ वैसे ही धमाकेदार प्रदर्शन की उम्मीद थी, लेकिन यह पुर्तगाली दिग्गज उम्मीदों के मुताबिक प्रदर्शन करने में नाकाम रहा। नतीजा यह हुआ कि पुर्तगाल की टीम मैच में शुरुआती बढ़त बनाने के बावजूद जीत दर्ज नहीं कर सकी।
ह्यूस्टन स्टेडियम में खेले गए इस ग्रुप ‘के’ के मुकाबले में पुर्तगाल ने खेल पर अपना दबदबा बनाते हुए ७५ प्रतिशत पजेशन के साथ शानदार शुरुआत की थी। टीम को इसका फायदा भी बहुत जल्दी मिल गया, जब मैच के छठे मिनट में ही जोआओ नेविस ने एक बेहतरीन और दर्शनीय हेडर के जरिए गोल दागकर पुर्तगाल को १-० से आगे कर दिया। शुरुआती झटके के बाद, पूरे ५२ साल बाद वर्ल्ड कप के मंच पर वापसी कर रही डीआर कांगो की टीम ने हिम्मत नहीं हारी। उन्होंने जल्द ही अपनी लय पकड़ी और पुर्तगाल के खिलाफ जवाबी हमले शुरू कर दिए। इससे पहले साल १९७४ में ‘जायरे’ के नाम से खेलते हुए डीआर कांगो ने वर्ल्ड कप के अपने तीनों मैच गंवाए थे, लेकिन इस बार टीम ने मैदान पर बेहद जुझारू खेल दिखाकर सभी का दिल जीत लिया।
मैच में बराबरी के मौके तलाश रही डीआर कांगो को आखिरकार पहले हाफ के ठीक अंतिम पलों में सफलता मिल ही गई। योआने विस्सा ने इंजरी टाइम के पांचवें मिनट में एक शानदार गोल दागकर स्कोर को १-१ की बराबरी पर ला खड़ा किया। इसके बाद दूसरे हाफ के खेल में दोनों ही टीमों ने बढ़त हासिल करने के इरादे से एक-दूसरे पर लगातार हमले किए, लेकिन कोई भी टीम निर्णायक गोल करने में सफल नहीं हो सकी। इस दौरान पुर्तगाल की ओर से क्रिस्टियानो रोनाल्डो और ब्रूनो फर्नांडीस ने गोल करने के कुछ बेहद करीबी मौके गंवाए, तो वहीं डीआर कांगो की टीम भी कुछ अच्छे अवसरों का फायदा उठाने से चूक गई। इस तरह, भले ही पूरे फुटबॉल जगत की निगाहें रोनाल्डो पर टिकी थीं, लेकिन यह दिग्गज फॉरवर्ड अपनी टीम को जीत नहीं दिला सका और पुर्तगाल को अंक बांटने पर मजबूर होना पड़ा। मैच के ड्रॉ समाप्त होने पर दोनों टीमों को १-१ अंक से संतोष करना पड़ा।









