कोलकाता : हावड़ा नगर निगम ने शहर को अधिक स्वच्छ, आधुनिक और नागरिक-अनुकूल बनाने के उद्देश्य से महिलाओं के लिए विशेष बुनियादी सुविधाओं के विस्तार की महत्वाकांक्षी योजना शुरू की है। सीवर व्यवस्था और स्वच्छता से जुड़ी विभिन्न परियोजनाओं के बाद अब निगम ने सार्वजनिक शौचालयों की कमी को दूर करने को प्राथमिकता दी है।
निगम के अनुसार, जनता की शिकायतों और विस्तृत सर्वेक्षण के आधार पर शहर के प्रमुख स्थलों, पर्यटन क्षेत्रों और अत्यधिक भीड़भाड़ वाले स्थानों की पहचान की गई, जहां आधुनिक और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप शौचालयों की आवश्यकता महसूस की गई। इसी के आधार पर शहर के २० महत्वपूर्ण स्थानों पर महिलाओं के लिए विशेष रूप से ‘पिंक टॉयलेट’ बनाने का निर्णय लिया गया है।
इन स्थानों में शरत सदन, डुमुरजला पार्क, डालमिया पार्क स्टेडियम, शिवपुर श्मशान घाट, बोटैनिकल गार्डन तथा विभिन्न प्रमुख बाजार क्षेत्र शामिल हैं। राज्य सरकार द्वारा महिलाओं को सरकारी बसों में निःशुल्क यात्रा सुविधा दिए जाने के बाद निगम ने बाजारों और सार्वजनिक स्थलों को भी महिलाओं के लिए अधिक सुविधाजनक बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया है।
इसके साथ ही, हावड़ा की लगभग ५०० बस्तियों को ध्यान में रखते हुए १५० सामुदायिक शौचालयों के निर्माण की योजना भी बनाई गई है। प्रचलित नियमों के अनुसार प्रत्येक ५० परिवारों पर कम से कम एक सामुदायिक शौचालय आवश्यक है। हालांकि भूमि की कमी और कुछ सार्वजनिक शौचालयों पर अवैध कब्जा इस परियोजना के सामने बड़ी चुनौती बनकर उभरे हैं। निगम का भवन विभाग ऐसे क्षेत्रों की पहचान कर उन्हें खाली कराने की प्रक्रिया में जुट गया है।
हावड़ा नगर निगम के उप-आयुक्त प्रबीर विश्वास ने बताया कि पहली बार व्यक्तिगत शौचालय निर्माण के लिए प्रत्यक्ष आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। जिन नागरिकों के पास भूमि है, लेकिन आर्थिक तंगी के कारण वे शौचालय नहीं बना पा रहे हैं, वे निगम में आवेदन कर सकते हैं। जांच के बाद उन्हें १६.००० से २०,००० रुपये तक की वित्तीय सहायता दी जाएगी।









