नई दिल्ली: लंबे समय से लंबित किशाउ बहुउद्देश्यीय बांध परियोजना के कार्यान्वयन को लेकर संबंधित ६ राज्यों के बीच एक ऐतिहासिक सहमति बन गई है। परियोजना के निर्माण और इसके लाभों के समान वितरण के लिए सभी हितधारक राज्य समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करने के लिए तैयार हो गए हैं।
इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर भारत के केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गहरी खुशी व्यक्त की है। सोशल मीडिया पर अपनी बात साझा करते हुए गृह मंत्री शाह ने कहा कि मोदी सरकार विकास की गति को तेज करने के लिए लंबे समय से लंबित मुद्दों के समाधान की दिशा में निरंतर काम कर रही है, और आज इस दिशा में एक बड़ी सफलता मिली है।
गृह मंत्री शाह के अनुसार, इस ऐतिहासिक निर्णय से दशकों पुराना गतिरोध समाप्त हो गया है। इस परियोजना से जुड़े ६ राज्य:- हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान—अब इसे धरातल पर उतारने के लिए मिलकर काम करेंगे।
इस ऐतिहासिक सहमति के बाद जल और ऊर्जा के क्षेत्र में बड़े बदलाव की उम्मीद है। गृह मंत्री शाह ने रेखांकित किया कि इस परियोजना से करोड़ों नागरिकों को सीधा लाभ पहुंचेगा। परियोजना के लाभों का सभी राज्यों के बीच न्यायसंगत और समान वितरण सुनिश्चित किया जाएगा। इसके साथ ही, इस परियोजना के सफल कार्यान्वयन से ‘स्वच्छ और पुनर्जीवित यमुना’ के विज़न को साकार करने में भी बड़ी मदद मिलेगी।










