​भाग्य का साथ पाकर हारने से बचा बेल्जियम

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​नई दिल्ली: एक आत्मघाती गोल की बदौलत बेल्जियम फीफा वर्ल्ड कप २०२६ के अपने पहले ही मैच में हारते-हारते बच गया। सिएटल स्टेडियम में खेले गए ग्रुप जी के एक मुकाबले में इजिप्ट ने बेल्जियम को १-१ की बराबरी (ड्रॉ) पर रोक दिया। मैच में इजिप्ट ने पहले हाफ में ही बढ़त बना ली थी, लेकिन दूसरे हाफ में मोहम्मद हानी के एक आत्मघाती गोल ने बेल्जियम को बराबरी पर ला खड़ा किया। मैच ड्रॉ होने के कारण दोनों टीमों को १-१ अंक से ही संतोष करना पड़ा।
​शुरुआती रोमांच और इजिप्ट की बढ़त
​मैच की शुरुआत से ही दोनों टीमों ने बेहद आक्रामक खेल का प्रदर्शन किया। इसी बीच, मैच का पहला बड़ा मौका इजिप्ट के हाथ लगा और 19वें मिनट में इमाम अशौर ने एक शानदार गोल दागकर अपनी टीम को १-० की बढ़त दिला दी।
​इस गोल के बाद इजिप्ट ने मैच पर अपना पूरा नियंत्रण बना लिया। पहले हाफ के बचे हुए समय में बेल्जियम ने बराबरी करने के लिए लगातार कई हमले बोले, लेकिन इजिप्ट के मजबूत डिफेंस ने उन्हें कामयाबी का स्वाद चखने नहीं दिया। हाफ टाइम तक इजिप्ट १-० से आगे चल रहा था और बेल्जियम के ऊपर साफ तौर पर दबाव देखा जा सकता था।
​भाग्य का साथ और आत्मघाती गोल
​दूसरे हाफ में भी बेल्जियम ने अपने हमलों की रफ्तार कम नहीं होने दी। इसी कोशिश के बीच, आखिरकार ६६वें मिनट में किस्मत ने बेल्जियम का साथ दे ही दिया। बेल्जियम के अनुभवी फॉरवर्ड रोमेलु लुकाकु के दबाव और थॉमस म्यूनियर के एक लो क्रॉस के दौरान इजिप्ट के डिफेंडर मोहम्मद हानी ने गेंद को अपने ही नेट में डाल दिया।
​इस आत्मघाती गोल की मदद से बेल्जियम मैच बचाने में कामयाब रहा। इस तरह जीत की दहलीज पर पहुंच चुके इजिप्ट को मोहम्मद हानी की एक छोटी सी गलती के कारण अंत में निराश होना पड़ा।

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