४० वर्षीय गोलकीपर वोजिन्हा बने नायक; खिताब की दावेदार स्पेन अंक बांटने पर मजबूर; लैमिन यामल ने रचा नया कीर्तिमान
नेत्र विक्रम बिमली
विश्व कप २०२६ की खिताब की दावेदार मानी जा रही पूर्व चैंपियन स्पेन को अपने पहले ही मैच में अप्रत्याशित नतीजे का सामना करना पड़ा है। अमेरिका के अटलांटा स्टेडियम में मंगलवार को संपन्न समूह ‘एच’ के मुकाबले में स्पेन को नवप्रवेशी अफ्रीकी टीम केप वर्डे ने गोलरहित (०–०) बराबरी पर रोक दिया। मजबूत स्पेन को अंक बांटने पर मजबूर करने के इस सफर में केप वर्डे के ४० वर्षीय वयोवृद्ध गोलकीपर वोजिन्हा नायक बनकर उभरे।
मैच के दौरान स्पेन ने गेंद पर पूरी तरह नियंत्रण रखते हुए विपक्षी पोस्ट पर लगातार कई हमले किए, लेकिन केप वर्डे के मजबूत डिफेंस और गोलकीपर वोजिन्हा के असाधारण प्रदर्शन के आगे टीम बेबस नजर आई। ४० साल १२ दिन की उम्र में मैदान पर उतरे वोजिन्हा ने स्पेन के एक से बढ़कर एक शानदार प्रहारों को नाकाम कर दिया। मैच की अंतिम सीटी बजते ही नवप्रवेशी टीम ने ऐतिहासिक अंक हासिल करने की खुशी में मैदान पर ही जश्न मनाना शुरू कर दिया। इस ड्रा के साथ ही स्पेन पहले ही मैच में दबाव में आ गया है और अब उसे समूह चरण के आगामी मैचों में सऊदी अरब और उरुग्वे का सामना करना होगा।
यामल और वोजिन्हा के दो अलग कीर्तिमान
भले ही यह मैच स्पेन के लिए सुखद नहीं रहा, लेकिन टीम के युवा स्टार लैमिन यामल के लिए ऐतिहासिक साबित हुआ। १८ साल ३३७ दिन की उम्र में मैदान पर उतरकर यामल ने दो बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट (यूरो २०२४ और विश्व कप २०२६) खेलने वाले सबसे कम उम्र के यूरोपीय खिलाड़ी का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। इससे पहले यह रिकॉर्ड ब्रिटेन के जूड बेलिंगहैम (१९ साल १४५ दिन) के नाम था।
दूसरी ओर, शानदार बचाव करते हुए मैच के नायक चुने गए केप वर्डे के गोलकीपर वोजिन्हा विश्व कप के इतिहास में मैदान पर उतरने वाले नौवें सबसे उम्रदराज खिलाड़ी बन गए हैं।









