अमेरिका-इरान डील पर इजरायल में भारी नाराजगी

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नेतन्याहू बोले: “इरान को किसी भी कीमत पर परमाणु हथियार नहीं बनाने देंगे”

ट्रंप के समझौते से बढ़ी चिंता; इजरायली मंत्री ने कहा: “हम अमेरिका के गुलाम नहीं हैं”

नई दिल्ली: ​अमेरिका और ईरान के बीच प्रस्तावित शांति समझौते को लेकर इजरायल के भीतर असंतोष और आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। इजरायल के विपक्षी नेताओं ने इस समझौते को देश की विदेश नीति और सुरक्षा रणनीति की एक बहुत बड़ी विफलता करार दिया है। उनका आरोप है कि इस डील की वजह से ईरान को आर्थिक राहत तो मिल जाएगी, लेकिन उसकी क्षेत्रीय गतिविधियों और सैन्य क्षमताओं पर कोई प्रभावी रोक नहीं लग पाएगी। इस पूरे मामले पर इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने बेहद संयमित लेकिन कड़े शब्दों में अपनी प्रतिक्रिया देते हुए स्पष्ट किया है कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से हर हाल में रोका जाएगा।
​इस बीच, अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते की घोषणा के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू पर सीधा निशाना साधा है। ट्रंप ने नेतन्याहू को एक बेहद मुश्किल इंसान बताया और कहा कि उनसे निपटना बिल्कुल भी आसान काम नहीं है। दूसरी ओर, इजरायल के राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री बेन-ग्वीर ने इस समझौते पर कड़े सवाल खड़े करते हुए कहा है कि यह डील इजरायल को किसी भी तरह से बाध्य नहीं करती है। उन्होंने साफ लहजे में कहा कि इजरायल अमेरिका के अधीन नहीं है, बल्कि हम एक पूरी तरह से स्वतंत्र और संप्रभु राष्ट्र हैं।
​इजरायल की मुख्य चिंता यह है कि इस समझौते के लागू होने के बाद ईरान पर से अंतर्राष्ट्रीय दबाव काफी कम हो जाएगा, जिससे उसे अपनी सैन्य और क्षेत्रीय विस्तारवादी गतिविधियों को आगे बढ़ाने का खुला मौका मिल जाएगा। इसके विपरीत, अमेरिका का दावा है कि यह समझौता पश्चिम एशिया में जारी तनाव को कम करने और ईरान के परमाणु कार्यक्रम को सीमित करने की दिशा में एक बेहद महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक कदम साबित होगा। बहरहाल, इस समझौते के बाद अब पूरी दुनिया की नजरें इजरायल की अगली रणनीति और उसके कदमों पर टिकी हुई हैं।

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