उत्तर बंगाल में कृषि क्रांति के लिए नई पहल
सिलीगुड़ी: माटीगाड़ा स्थित उत्तर बंगाल विज्ञान केंद्र (नॉर्थ बंगाल साइनस सेंटर) में आज “कंचनजंगा एग्रीप्रेन्योर्स मीट” (कृषि-उद्यमी सम्मेलन) भव्य रूप से संपन्न हुआ। इस विशेष कार्यक्रम में माननीय पंचायत एवं ग्रामीण विकास, कृषि विपणन और पशु संसाधन विकास मंत्री श्री दिलीप घोष जी की गरिमामयी उपस्थिति रही। इस कार्यक्रम में शामिल होने के बाद दार्जिलिंग लोकसभा क्षेत्र के सांसद श्री राजू बिष्ट ने अपने आधिकारिक फेसबुक पेज के माध्यम से इसकी विस्तृत जानकारी साझा की है।
सांसद राजू बिष्ट के अनुसार, इस सम्मेलन में दार्जिलिंग हिल्स, तराई, डुआर्स, उत्तर बंगाल के साथ-साथ पड़ोसी देश भूटान और नेपाल के प्रगतिशील किसानों, कृषि-उद्यमियों, वैज्ञानिकों, तकनीकी नवप्रवर्तकों, उत्पादक समूहों, सामाजिक उद्यमियों और विकास कार्यकर्ताओं की भारी उपस्थिति रही। इस क्षेत्र में कृषि के भविष्य को एक नई दिशा देने के लिए यह पूरा गतिशील समुदाय एक मंच पर एकत्रित हुआ था।
सांसद बिष्ट ने अपने पोस्ट में लिखा, “हमारा ध्यान मुख्य रूप से दार्जिलिंग हिल्स, तराई और डुआर्स सहित पूरे उत्तर बंगाल क्षेत्र की कृषि अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ सतत और समावेशी ग्रामीण विकास को बढ़ावा देने पर केंद्रित है।”
इस सम्मेलन में कृषि क्षेत्र के नवीन समाधानों, सतत आजीविका, जलवायु-अनुकूल खेती के तरीकों, डिजिटल कृषि, ग्रामीण उद्यमिता और प्रौद्योगिकी-संचालित कृषि परिवर्तन के विभिन्न आयामों को प्रदर्शित किया गया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस तरह के सार्थक संवाद और साझा अनुभवों के माध्यम से एक मजबूत सहयोगात्मक मंच तैयार होगा, जहां व्यावहारिक विचारों को वास्तविक अवसरों में बदला जा सकेगा।

सांसद बिष्ट ने कहा कि हमारे किसान समुदायों के समृद्ध भविष्य के लिए मूल्यवान साझेदारी बनाने और नई पहलों को प्रेरित करने में ऐसे सम्मेलन बेहद आवश्यक हैं। उत्तर बंगाल के कृषि परिदृश्य में वास्तविक बदलाव के बीज बोने के लिए उन्होंने आयोजक संस्था ‘एसोसिएशन फॉर कंजर्वेशन एंड टूरिज्म’ (एसीटी) का विशेष रूप से आभार व्यक्त किया।











