नई दिल्ली: इतिहास के पन्नों को पलटकर देखें, तो आज का दिन बड़े-बड़े मोड़ों से भरा हुआ है—कहीं इंदिरा गांधी का चुनाव रद्द हुआ, कहीं नेल्सन मंडेला को उम्रकैद मिली, तो कहीं रीगन ने बर्लिन की दीवार गिराने की ललकार दी। आइए, आज हम आपको इतिहास की उसी दिलचस्प गली में ले चलते हैं, जहाँ गर्व, आँसू, क्रांति और बदलाव की कई कहानियाँ छिपी हैं।
प्राचीन और मध्यकालीन इतिहास: नींव और विद्रोह के दिन
१२०६: इतिहास के पन्नों में आज ही के दिन कुतुब-उद-डीन ऐबक ने गुलाम वंश की स्थापना की थी। इसी घटना के साथ भारत के इतिहास में दिल्ली सल्तनत का एक नया दौर शुरू हुआ।
१३८१: उधर इंग्लैंड में शोषित किसानों ने अन्याय के खिलाफ ‘किसानों का विद्रोह’ शुरू कर दिया। विद्रोही लंदन के बाहरी इलाके ब्लैकहीथ तक पहुँच गए, जिसके बाद मात्र १४ वर्ष के राजा रिचर्ड द्वितीय को अपनी जान बचाने के लिए लंदन टावर में शरण लेनी पड़ी।
१६६५: एक बड़ा ऐतिहासिक फेरबदल! ‘न्यू एम्स्टर्डम’ कानूनी तौर पर ब्रिटेन का हिस्सा बना और ड्यूक ऑफ यॉर्क के नाम पर इसका नाम बदलकर ‘न्यूयॉर्क’ रख दिया गया, जिसे आज दुनिया सपनों का शहर कहती है।
१९वीं शताब्दी: आविष्कार, आपदा और स्वतंत्रता की गूंज
१८४९: मानव जीवन को बचाने वाला एक बड़ा आविष्कार हुआ। लुई हैस्लेट को आज ही के दिन ‘गैस मास्क’ के लिए पेटेंट मिला था।
१८९७: असम में एक ऐसा विनाशकारी भूकंप आया जिसने पहाड़ों को हिलाकर रख दिया। इस प्राकृतिक आपदा में करीब १५०० लोगों की जान चली गई थी।
१८९८: इधर फिलीपींस ने स्पेन के शासन से मुक्त होते हुए अपनी स्वतंत्रता की घोषणा की थी।
२०वीं शताब्दी: युद्ध का दर्द, क्रांति और राजनीतिक भूकंप
१९२९: दूसरे विश्व युद्ध के दौरान नाजियों के जुल्म और बेरहमी का शिकार बनी यहूदी लड़की एनी फ्रैंक का आज ही के दिन जन्म हुआ था। नाजियों की कैद के दौरान लिखी गई एनी की डायरी को बाद में किताब के रूप में छापा गया, जिसे दुनियाभर में खूब शोहरत मिली।
१९४२: एम्स्टर्डम में रह रही इसी १३ वर्षीय यहूदी लड़की एनी फ्रैंक को आज अपने जन्मदिन पर वो डायरी मिली जो आगे चलकर इतिहास बन गई। आज भी यह डायरी दुनिया भर में युद्ध और मानवता के इतिहास की सबसे मार्मिक गाथाओं में गिनी जाती है।
१९६२: अमेरिका में सैन फ्रांसिस्को की खाड़ी में स्थित, दुनिया की सबसे कड़ी सुरक्षा वाली जेल ‘अल्कात्राज’ से तीन कैदी सुरंग खोदकर भाग निकले। इस जेल को सुरक्षा के हिसाब से अभेद्य माना जाता था और यहाँ सबसे गंभीर अपराधों वाले कैदियों को रखा जाता था।
१९६४: दक्षिण अफ्रीका में रंगभेद (काले-गोरे के भेद) के खिलाफ लड़ाई लड़ने वाले महान नेता नेल्सन मंडेला और उनके साथियों को वहाँ की अदालत ने आजीवन कारावास (उम्रकैद) की सजा सुनाई थी। लेकिन यही सजा आगे चलकर क्रांति की मशाल बनी।
१९६५: खगोल विज्ञान के क्षेत्र में एक बड़ी सफलता मिली, जब वैज्ञानिकों ने अंतरिक्ष में “नीली आकाशगंगाओं” की खोज की।
१९७५: इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को चुनाव में सरकारी मशीनरी के गलत इस्तेमाल का दोषी पाया और उनके निर्वाचन को अमान्य (रद्द) करार दे दिया। इसी घटना ने आगे चलकर देश में आपातकाल की नींव रखी।
१९८७: बर्लिन की दीवार के सामने खड़े होकर अमेरिकी राष्ट्रपति रोनाल्ड रीगन ने सोवियत संघ के नेता मिखाइल गोर्बाचेव को चुनौती देते हुए अपनी प्रसिद्ध स्पीच दी थी— “मिस्टर गोर्बाचेव, टियर डाउन दिस वॉल” (इस दीवार को गिरा दो)।
१९९०: रूसी संसद ने खुद को संप्रभु राष्ट्र घोषित किया। इसके बाद सन् १९९२ से हर साल १२ जून को ‘रूस दिवस’ (Russia Day) मनाया जाने लगा।
१९९०: भारत के लिए भी आज का दिन खास रहा। भारतीय राष्ट्रीय उपग्रह (इनस्याट-१डी) को संयुक्त राज्य अमेरिका के फ्लोरिडा स्थित केप कैनावेरल लॉन्च पैड से डेल्टा ४९२५ रॉकेट के माध्यम से सफलतापूर्वक अंतरिक्ष में प्रक्षेपित किया गया था।
१९९१: बोरिस येल्तसिन रूस के इतिहास में पहले लोकतांत्रिक रूप से निर्वाचित राष्ट्रपति बने।
१९९४: आसमान का राजा कहे जाने वाले ‘बोइंग-७७७’ विमान ने अपनी पहली उड़ान भरी। उस समय इस विमान में दुनिया का सबसे बड़ा ट्विन जेट इंजन लगाया गया था।
१९९८: भारत और पाकिस्तान द्वारा किए गए परमाणु परीक्षण के कारण जी-८ देशों ने दोनों देशों को ऋण (लोन) नहीं देने का कड़ा निर्णय लिया था।
१९९९: कारगिल युद्ध के उस माहौल के बीच पाकिस्तानी रक्षा बजट में अचानक लगभग ११ प्रतिशत की भारी वृद्धि की गई थी।
२००१: सीमा के उलझे हुए मुद्दे को सुलझाने के लिए भारत और बांग्लादेश के बीच ऐतिहासिक वार्ता की शुरुआत हुई।
२००२: दुनिया भर के बच्चों का भविष्य बचाने के लिए आज ही के दिन से ‘विश्व बालश्रम निषेध दिवस’ की शुरुआत हुई। इस दिवस का मुख्य मकसद लोगों में बालश्रम को लेकर जागरूकता फैलाना था।
२००२: फीफा विश्व कप फुटबॉल में स्वीडन के साथ मैच १-१ से ड्रा होने के साथ ही खिताब की मजबूत दावेदार मानी जाने वाली अर्जेन्टिना की टीम विश्व कप से बाहर हो गई।
२००४: जॉर्जिया के सवाना में समूह-८ का सम्मेलन सम्पन्न हुआ, जहाँ अमेरिकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने उत्तरी कोरिया के सर्वोच्च नेता किम जोंग द्वितीय के साथ सीधी बातचीत का प्रस्ताव ठुकरा दिया था।
२००७: ऑस्ट्रेलिया की सरकार ने एक बड़ा और सुंदर फैसला लेते हुए वहाँ के स्कूलों में सिख छात्रों को उनके धार्मिक प्रतीक ‘कृपाण’ रखने की इजाजत दी।
२००८: हमारे देश के प्रख्यात फिल्म निर्देशक मृणाल सेन को १०वें ओसियाना सिनेफैन फिल्म समारोह में उनके बेहतरीन योगदान के लिए पुरस्कृत किया गया।
२०१३: संचार के क्षेत्र में एक युग का अंत हुआ। भारत में १६३ साल से चली आ रही ऐतिहासिक टेलीग्राम सेवा (तार सेवा) को बंद करने की घोषणा की गई।
२०१६: भारत की बैडमिन्टन स्टार साइना नेहवाल ने दूसरी बार ऑस्ट्रेलियन ओपन बैडमिन्टन का खिताब जीतकर देश का नाम रोशन किया।
२०१८: सिंगापुर की धरती पर एक बड़ा इतिहास रचा गया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उत्तर कोरिया के शासक किम जोंग उन से मुलाकात की। एक-दूसरे के चिर-प्रतिद्वंद्वी माने जाने वाले इन दोनों देशों के प्रमुखों के बीच हुई यह पहली मुलाकात थी।
२०१९: भारत के गृह मंत्रालय ने विदेशी (ट्रिब्यूनल) आदेश, १९६४ में एक महत्त्वपूर्ण संशोधन किया।
२०१९: चीन के प्रत्यर्पण विधेयक (फ्यूजिटिव ऑफेंडर अमेंडमेंट बिल) के विरोध में हांगकांग की सड़कों पर लाखों लोगों ने ऐतिहासिक और उग्र प्रदर्शन किया था।
२०१९: यमन के हूती विद्रोहियों द्वारा साउदी अरब के आभा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के अराइवल हॉल पर एक बैलिस्टिक मिसाइल से हमला किया गया, जिससे भारी नुकसान हुआ।
२०१९: इक्वाडोर की संवैधानिक अदालत ने एक ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए देश में समलैंगिक विवाह को कानूनी मान्यता प्रदान कर दी।
२०१९: आइस हॉकी के प्रमुख टूर्नामेंट ‘स्टेनली कप’ के फाइनल में सेंट लुइस ब्लूज़ ने बोस्टन ब्रुइंस को हराकर अपनी फ्रेंचाइजी के इतिहास का पहला खिताब जीता।
२०२०: अफगानिस्तान के काबुल की एक मस्जिद में नमाज के वक्त आईईडी ब्लास्ट हुआ, जिसमें मस्जिद के इमाम समेत ४ बेकसूर लोगों की मौत हो गई।
२०२१: टेनिस के मैदान से बड़ी खबर आई, जब चेक गणराज्य की खिलाड़ी बारबोरा क्रेजिसिकोवा ने अनास्तासिया पावलुचेनकोवा को हराकर अपना पहला महिला सिंगल्स फ्रेंच ओपन ग्रैंड स्लैम खिताब जीता।
२०२१: भारत के महान पूर्व क्रिकेटर वीनू मांकड को आधिकारिक रूप से आईसीसी हॉल ऑफ फेम में शामिल कर सम्मानित किया गया।
२०२१: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जी-७ समिट के ‘आउटरीच सत्र’ को वर्चुअली संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने जलवायु परिवर्तन और वैश्विक एकजुटता पर जोर देते हुए दुनिया को ‘वन अर्थ, वन हेल्थ’ (एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य) का मूल मंत्र दिया।
२०२२: कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को कोविड से संबंधित स्वास्थ्य समस्याओं के कारण नई दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
२०२३: पाकिस्तान के खैबर-पख्तूनख्वा में मानसूनी बारिश और बाढ़ का कहर देखने को मिला, जिसमें २७ लोगों की मौत हो गई।
२०२३: ऑस्ट्रेलिया की वाइन कंट्री में एक दर्दनाक बस हादसा हुआ, जिसमें १० लोगों की जान चली गई।
२०२४: कुवैत के मंगाफ शहर में एक आवासीय इमारत में भीषण आग लगने से ४० से अधिक भारतीय कामगारों सहित लगभग ४९ लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया।
२०२४: भारत की राजनीति में आज के दिन बड़ा शपथ ग्रहण हुआ—एन. चंद्रबाबु नायडू ने आंध्र प्रदेश के, मोहन चरण माझी ने ओडिशा के नए मुख्यमंत्री के रूप में पदभार संभाला और पेमा खांडू ने अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में अपनी दावेदारी पक्की की।
२०२५: अहमदाबाद में एक यात्री विमान (एयर इंडिया की फ्लाइट १७१) हवाई अड्डे के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया था।
२०२५: ताइवान और मुख्य भूमि के बीच समुद्र के नीचे बिछे केबल (अंडरसी केबल को नुकसान पहुँचाने के मामले में ताइवान ने एक चीनी कैप्टन को तीन साल जेल की सजा सुनाई।
१२ जून को जन्मे प्रमुख व्यक्तित्व (नक्षत्रों का आगमन)~
१२ जून १९१५: सी. के. नागराज राव – कन्नड़ लेखक, नाटककार, मंच कलाकार, निर्देशक, पत्रकार और सामाजिक कार्यकर्ता।
१२ जून १९२४: जॉर्ज हर्बर्ट वॉकर बुश – अमेरिका के ४१वें राष्ट्रपति।
१२ जून १९२९: एनी फ्रैंक – नाजियों के जुल्म का शिकार बनी और दुनिया को इंसानियत का पाठ पढ़ाने वाली यहूदी लड़की।
१२ जून १९३२: पद्मिनी – हिन्दी, तमिल और मलयालम सिनेमा की दिग्गज अभिनेत्री।
१२ जून १९३२: जयश्री तल्पड़े – मराठी और हिन्दी फिल्मों की प्रसिद्ध अभिनेत्री।
१२ जून १९३२: ई. श्रीधरन – भारत के प्रसिद्ध सिविल इंजीनियर, जिन्हें दुनिया ‘मेट्रो म्यान’ कहती है। कोंकण रेलवे और दिल्ली में मेट्रो रेल का श्रेय इन्हीं को जाता है।
१२ जून १९३५: श्यामा – भारतीय सिनेमा के ब्लैक एंड व्हाइट दौर की सबसे खूबसूरत और प्रसिद्ध अभिनेत्रियों में से एक।
१२ जून १९४७: बंडारू दत्तात्रेय – भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ राजनीतिज्ञों में से एक।
१२ जून १९४९: सुरुज बाई खांडे – छत्तीसगढ़ की प्रसिद्ध भरतरी गायिका।
१२ जून १९५७: गीतांजलि श्री – हिन्दी की जानी-मानी कथाकार और उपन्यासकार (जिन्हें अंतर्राष्ट्रीय बुकर पुरस्कार भी मिला)।
१२ जून १९५७: नरेंद्र सिंह तोमर – भारतीय जनता पार्टी के प्रसिद्ध राजनीतिज्ञ और पूर्व मंत्री।
१२ जून १९७९: रितेश बत्रा – एक भारतीय फिल्म निर्देशक और पटकथा लेखक (फिल्म ‘द लंचबॉक्स’ के डायरेक्टर)।
१२ जून को हुए प्रमुख निधन~
आज ही के दिन कई बड़ी शख्सियतें इस दुनिया को छोड़कर हमेशा के लिए चली गईं:
१९७२: डी. जी. तेंदुलकर – महात्मा गांधी की महान जीवनी के लेखक।
१९७६: गोपीनाथ कविराज – संस्कृत के प्रकाण्ड विद्वान और महान दार्शनिक।
१९८१: पी. बी. गजेन्द्रगडकर – भारत के भूतपूर्व सातवें मुख्य न्यायाधीश।
१९८६: अमिय चक्रवर्ती – बंगाली भाषा के विख्यात और सम्मानित साहित्यकार।
१९८९: निलोफर (राजकुमारी) – तुर्की के ओट्टोमन राजसी वंश की आखिरी शहजादी।
१९९९: जलगम वेन्गला राव – आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री।
२०००: पुरुषोत्तम लक्ष्मण देशपांडे – बेहद लोकप्रिय मराठी लेखक, नाटककार, हास्यकार, अभिनेता, कथाकार, फिल्म निर्देशक, संगीतकार और गायक (प्यार से लोग इन्हें ‘पु. ल. देशपांडे’ कहते थे)।
२०१५: नेक चन्द सैनी – चंडीगढ़ के विश्व प्रसिद्ध ‘रॉक गार्डन’ के निर्माता, जिन्हें पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।
२०१७: सी. नारायण रेड्डी – ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित तेलुगु भाषा के प्रख्यात कवि।
२०२३: इटली के पूर्व प्रधानमंत्री सिल्वियो बर्लुस्कोनी का ८६ वर्ष की उम्र में निधन हुआ।
आज का विशेष अवसर~
विश्व बालश्रम निषेध दिवस (वर्ल्ड डे अगेंस्ट चाइल्ड लेबर):
आज का दिन हमें याद दिलाता है कि छोटे-छोटे बच्चों के हाथों में ईंट-पत्थर या चाय की दुकान के झूठे बर्तन नहीं, बल्कि किताब और कलम होनी चाहिए। बाल मजदूरी के खिलाफ जागरूकता फैलाने और बच्चों के अधिकारों की रक्षा करने के उद्देश्य से हर साल आज ही के दिन दुनिया भर में यह दिवस मनाया जाता है।









