ब्रिक्स और एससीओ की सदस्यता के लिए बांग्लादेश ने रूस से मांगा समर्थन

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ढाका: बांग्लादेश ने ब्रिक्स (ब्रिक्स) और शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) में शामिल होने के लिए रूस से रणनीतिक समर्थन की मांग की है। बांग्लादेश के विदेश मंत्री खलीलुर्रहमान ने मॉस्को में रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव के साथ एक अत्यंत महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक की। इस बैठक के दौरान रहमान ने लावरोव से कहा कि वैश्विक पटल पर बांग्लादेश को व्यापक प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए, इसलिए रूस को ब्रिक्स और एससीओ जैसे अंतरराष्ट्रीय समूहों की सदस्यता हासिल करने में बांग्लादेश का पूर्ण सहयोग करना चाहिए। इसके साथ ही, बांग्लादेशी विदेश मंत्री ने वर्ष १९७१ के स्वतंत्रता संग्राम में पाकिस्तान के खिलाफ बांग्लादेश की आजादी की लड़ाई में रूस द्वारा दिए गए ऐतिहासिक सहयोग के लिए विशेष रूप से आभार व्यक्त किया।
​दोनों देशों के विदेश मंत्रियों के मध्य संयुक्त राष्ट्र सहित अन्य बहुपक्षीय मंचों पर ‘ग्लोबल साउथ’ अर्थात विकासशील देशों के बीच आपसी समन्वय को सुदृढ़ करने की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा हुई। बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय द्वारा जारी आधिकारिक वक्तव्य के अनुसार, रूसी विदेश मंत्री ने ब्रिक्स और एससीओ की सदस्यता प्राप्त करने के ढाका के अनुरोध पर सकारात्मक रुख अपनाया है। अपने तीन दिवसीय मॉस्को दौरे के दौरान विदेश मंत्री रहमान ने बांग्लादेश और यूरेशियाई आर्थिक आयोग (ईईसी) के बीच मुक्त व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के लिए भी रूस से सहयोग की अपील की। इसके अतिरिक्त, बांग्लादेश ने रूस के साथ दो अरब डॉलर से अधिक के वार्षिक द्विपक्षीय व्यापार को गति देने के लिए रूसी बाजार में अपने उत्पादों के लिए शुल्क-मुक्त और कोटा-मुक्त पहुंच प्रदान करने तथा रूपपुर परमाणु ऊर्जा संयंत्र की प्रगति को लेकर भी विमर्श किया, जिसकी पहली इकाई का संचालन बीते २८ अप्रैल को शुरू किया गया था।
​उल्लेखनीय है कि वर्ष २०२३ में जब मिस्र, इथियोपिया, ईरान, साउदी अरब और यूएई जैसे देश ब्रिक्स के नए सदस्य बने थे, तब बांग्लादेश ने भी आवेदन किया था परंतु उस समय उसे पर्याप्त वैश्विक समर्थन नहीं मिल सका था। वहीं दूसरी ओर, दस देशों की सदस्यता वाले यूरेशियाई राजनीतिक, आर्थिक और सुरक्षा गठबंधन ‘एससीओ’ में भी बांग्लादेश अपनी मजबूत भूमिका देख रहा है। इस उच्च स्तरीय बैठक में रूसी विदेश मंत्री लावरोव ने रोहिंग्या शरणार्थियों की म्यांमार ससम्मान वापसी के लिए रूस के निरंतर समर्थन को दोहराया। रूसी विदेश मंत्री ने खलीलुर्रहमान को संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) के ८१वें सत्र के अध्यक्ष के रूप में चुने जाने पर हार्दिक बधाई दी और दोनों नेताओं ने जनवरी २०२७ में अपने राजनयिक संबंधों की ५५वीं वर्षगाँठ को गरिमापूर्ण ढंग से मनाने पर सहमति व्यक्त की।

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