ओडेंस: डेनमार्क के स्टार मिडफील्डर क्रिश्चियन एरिक्सन रविवार को यूक्रेन के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय मैत्रीपूर्ण मैच के दौरान अचानक मैदान पर गिर पड़े, जिसके कारण खेल को बीच में ही रोकना पड़ा। डेनमार्क की ओर से खेल रहे एरिक्सन मैच के ७९वें मिनट में अपनी छाती को पकड़कर मैदान पर ढह गए। इस अचानक हुई घटना से मैदान पर मौजूद खिलाड़ी, रेफरी और दोनों टीमों के अधिकारी पूरी तरह हतप्रभ और चिंतित हो उठे। एरिक्सन के गिरते ही खेल को तुरंत रोक दिया गया और मेडिकल टीम ने बिना समय गंवाए मैदान में प्रवेश कर उन्हें आपातकालीन चिकित्सा सहायता प्रदान की। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए अंततः मैच को रद्द करने का फैसला लिया गया। खेल रोके जाने तक डेनमार्क की टीम मुकाबले में २-१ से आगे चल रही थी।
यहां उल्लेखनीय है कि डेनमार्क और यूक्रेन दोनों ही टीमें आगामी फीफा विश्व कप २०२६ के लिए क्वालीफाई नहीं कर सकी हैं। इसी वजह से रविवार को खेला गया यह मैत्रीपूर्ण मुकाबला भविष्य के अंतरराष्ट्रीय मैचों की तैयारियों के लिहाज से दोनों टीमों के लिए बेहद महत्वपूर्ण था। घटना के बाद डेनमार्क फुटबॉल महासंघ ने सोशल मीडिया के जरिए जानकारी साझा करते हुए बताया कि ३४ वर्षीय एरिक्सन अब पूरी तरह होश में हैं और उन्हें उचित चिकित्सा देखरेख में रखा गया है। फिलहाल उनकी स्थिति स्थिर बनी हुई है।
डेनमार्क टीम के डॉक्टर मोर्टन बोसेन ने भी इस बात की पुष्टि की है कि एरिक्सन की स्थिति में अब काफी सुधार है और उनके शरीर में लगे पेसमेकर ने पूरी सटीकता के साथ अपना काम किया। इस घटना ने एक बार फिर सन् २०२१ के यूरो कप की उन भयावह यादों को ताजा कर दिया है, जब फिनलैंड के खिलाफ मैच के दौरान एरिक्सन को दिल का दौरा पड़ा था और वे मैदान पर ही अचेत हो गए थे। उस हादसे के बाद एरिक्सन के शरीर में एक विशेष उपकरण ‘इम्प्लांटेबल कार्डियोवर्टर डिफिब्रिलेटर’ (आईसीडी) लगाया गया था, जिसकी मदद से उन्होंने साल २०२२ में पेशेवर फुटबॉल में शानदार वापसी की थी। यूक्रेन के खिलाफ खेला गया यह मुकाबला एरिक्सन का डेनमार्क राष्ट्रीय टीम के लिए १५१वां मैच था।









