वाशिंगटन: अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से एक बड़ी खबर आ रही है कि ईरान की वर्ल्ड कप फुटबॉल टीम के सदस्यों को आखिरकार अमेरिका का वीजा मिल गया है। इस मंजूरी के बाद अब ईरानी टीम इसी महीने लॉस एंजिल्स के करीब होने वाले अपने शुरुआती दो मैचों से पहले मेक्सिको के तिजुआना में लगे ट्रेनिंग कैंप से सीधे अमेरिका आ सकेगी।
दरअसल, इजरायल और अमेरिका के साथ ईरान के मौजूदा तनावपूर्ण संबंधों के चलते वर्ल्ड कप में इस टीम की भागीदारी को लेकर लंबे समय से सस्पेंस बना हुआ था। वीजा प्रक्रिया में आ रही पेचीदगियों के कारण ही ईरान को अपना ट्रेनिंग बेस एरिजोना के टक्सन से हटाकर कैलिफोर्निया बॉर्डर के पास मेक्सिको के तिजुआना में शिफ्ट करना पड़ा था।
मामले की जानकारी देते हुए एक अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि ईरानी टीम के सभी खिलाड़ियों का वीजा मंजूर हो चुका है और उन्हें वीजा सौंपने की कागजी प्रक्रिया तेजी से चल रही है। वहीं, एक अन्य अधिकारी ने पुष्टि की है कि खिलाड़ियों के साथ-साथ कोच, ट्रेनर और बाकी के सपोर्टिंग स्टाफ के लिए भी वीजा जारी कर दिया गया है। हालांकि, उन्होंने इस बात का खुलासा नहीं किया कि ईरान के किसी सदस्य का वीजा रिजेक्ट भी हुआ है या नहीं। बताया जा रहा है कि ईरानी टीम को सफर के लिए उनके पासपोर्ट शनिवार तक सौंप दिए जाएंगे।
गौरतलब है कि तिजुआना आने से पहले ईरानी टीम ने तुर्किये (तुर्की) के अंताल्या शहर में वर्ल्ड कप के लिए जमकर पसीना बहाया था। तुर्किये में तैनात अमेरिकी राजदूत टम बैराक ने ईरान की टीम की वीजा प्रक्रिया को समय रहते शुरू करने के लिए अंकारा स्थित अमेरिकी दूतावास की पीठ थपथपाई है।
अगर फीफा वर्ल्ड कप २०२६ के समीकरणों पर नजर डालें, तो ईरान को ग्रुप ‘जी’ में बेल्जियम, इजिप्ट (मिस्र) और न्यूजीलैंड के साथ रखा गया है। ईरान अपने शुरुआती दो मुकाबले कैलिफोर्निया के ईंगलवुड में खेलेगा। टीम अपना पहला मैच १५ जून को न्यूजीलैंड के खिलाफ और दूसरा मैच ठीक ६ दिन बाद बेल्जियम के खिलाफ खेलने उतरेगी। इसके बाद आखिरी ग्रुप मैच के लिए टीम सिएटल का रुख करेगी, जहां २६ जून को उनका मुकाबला इजिप्ट से होगा।











