नंदीग्राम: पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम विधानसभा क्षेत्र में होने वाले आगामी उपचुनाव के लिए तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। फलता उपचुनाव में खराब प्रदर्शन और जमानत जब्त होने के बाद अब नंदीग्राम में पार्टी का कोई भी बड़ा नेता चुनावी मैदान में उतरने को तैयार नहीं है। सूत्रों के अनुसार, पिछले विधानसभा चुनाव में हार का सामना करने वाले पवित्र कर ने नंदीग्राम से दोबारा चुनाव लड़ने से साफ मना कर दिया है। इसके बाद जब पार्टी नेतृत्व ने नंदीग्राम के पुराने और कद्दावर तृणमूल नेता शेख सुफियान से संपर्क साधकर उन्हें उम्मीदवार बनने का प्रस्ताव दिया, तो उन्होंने भी इस चुनावी प्रस्ताव को ठुकरा दिया, जिससे पार्टी के सामने योग्य प्रत्याशी तलाशने की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने भवानीपुर सीट को अपने पास बरकरार रखते हुए नंदीग्राम विधानसभा सीट से इस्तीफा दे दिया है, जिसके चलते संवैधानिक नियमों के तहत वहां उपचुनाव होना तय हुआ है। चुनावी तैयारियों के तहत तृणमूल के राज्यस्तरीय नेता शेख सुफियान के घर प्रस्ताव लेकर पहुंचे थे, लेकिन सुफियान ने न केवल चुनाव लड़ने से इनकार किया बल्कि पार्टी नेतृत्व के खिलाफ अपनी गहरी नाराजगी भी जाहिर की। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारी परिवार के खिलाफ लगातार मोर्चा खोलने के लिए उन्हें उकसाया गया, लेकिन बाद में पार्टी नेतृत्व ने उनसे कोई संपर्क नहीं रखा। कभी शुभेंदु अधिकारी के धुर विरोधी रहे सुफियान ने अब उनके संगठनात्मक कौशल और प्रशासनिक क्षमता की खुलकर प्रशंसा की है और कहा है कि मुख्यमंत्री के रूप में शुभेंदु अधिकारी सफल साबित हो सकते हैं। उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि वह अब सक्रिय और प्रत्यक्ष राजनीति से दूरी बनाए रखना चाहते हैं।










