सिलीगुड़ी: पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के ख़िलाफ़ कथित तौर पर भड़काऊ टिप्पणी करने और धार्मिक भावनाओं को आहत करने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है। भाजपा नेता और अधिवक्ता रिंकी चटर्जी सिंह द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर सिलीगुड़ी साइबर क्राइम थाने में यह एफ़आईआर दर्ज की गई है, जिसकी पुष्टि पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने की है। शिकायतकर्ता सिंह ने सिलीगुड़ी में पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि पुलिस ने शुरुआती दौर में शिकायत दर्ज करने से इनकार कर दिया था, परंतु निरंतर प्रयासों और विधिक प्रक्रिया के बाद अंततः इसे दर्ज किया गया।
पुलिस प्रशासन के अनुसार, शिकायत में उल्लेख किया गया है कि ममता बनर्जी ने वर्ष २०२५ में एक धार्मिक आयोजन तथा विधानसभा चुनाव से पूर्व कोलकाता के धर्मतल्ला क्षेत्र में आयोजित एक रैली के दौरान ऐसी टिप्पणियां की थीं, जिससे हिंदू समुदाय की भावनाएं आहत हुईं। तहरीर के मुताबिक, पूर्व मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा था कि एक विशिष्ट समुदाय यदि चाहे, तो पाँच मिनट के भीतर दूसरे समुदाय को समाप्त कर सकता है। पुलिस ने इस मामले में ममता बनर्जी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा ३५१ (१) (अपराधिक धमकी), धारा ३५२ (शांति भंग करने के इरादे से जानबूझकर अपमान) और धारा ३५३ (२) के तहत विधिक कार्रवाई प्रारंभ कर दी है।









