सिलीगुड़ी: सिलीगुड़ी के सबसे व्यस्त और प्रमुख चौराहों में से एक, दार्जिलिंग मोड़ के समीप स्थापित ‘विश्व बांग्ला’ लोगो के स्टैच्यू (मूर्ति) को सोमवार को हटा दिया गया। इस कार्रवाई के बाद शहर के इस मुख्य चौराहे का परिदृश्य पूरी तरह बदला हुआ नजर आ रहा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, कुछ वर्ष पूर्व लाखों रुपये की लागत से इस भव्य संरचना का निर्माण किया गया था, जिसे प्रशासनिक कार्रवाई के तहत वहां से हटा दिया गया है। पश्चिम बंगाल में सरकारी प्रतीकों, योजनाओं और पूर्व के अभियानों से जुड़े ब्रांडिंग तत्वों में बदलाव को लेकर चल रही राजनीतिक चर्चाओं के बीच प्रशासन का यह कदम सामने आया है।
राजनीतिक हलकों में यह दावा किया जा रहा है कि पूर्ववर्ती प्रशासन की ‘विश्व बांग्ला’ पहचान से जुड़े कई सार्वजनिक स्मारकों और राज्य के ब्रांडिंग तत्वों को धीरे-धीरे बदला या हटाया जा रहा है। इसके स्थान पर अब आधिकारिक संदर्भों में राष्ट्रीय प्रतीक ‘अशोक स्तंभ’ का उपयोग किया जा रहा है।
हालांकि, दार्जिलिंग मोड़ पर किए गए इस बदलाव या किसी व्यापक नीतिगत निर्देश को लेकर प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।










