ईरान ने तबाह किए अमेरिका के दो दर्जन से अधिक एमक्यू-९ रीपर ड्रोन

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नई दिल्ली: ​ईरान के साथ जारी संघर्ष में अमेरिकी सेना को भारी सैन्य और वित्तीय नुकसान उठाना पड़ा है। ब्लूमबर्ग और कांग्रेसनल रिसर्च सर्विस की रिपोर्टों के अनुसार, २८ फरवरी को युद्ध की शुरुआत के बाद से ईरान ने अमेरिकी सेना के कम से कम २४ और संभवतः ३० तक एमक्यू-९ रीपर ड्रोन नष्ट कर दिए हैं। इससे अमेरिका को न्यूनतम १ बिलियन डॉलर का सीधा वित्तीय नुकसान हुआ है, साथ ही युद्ध से पहले उसके पास मौजूद रीपर ड्रोन के कुल स्टॉक का लगभग २० प्रतिशत हिस्सा खत्म हो गया है। इनमें से कई ड्रोन ईरान के उन्नत एयर डिफेंस सिस्टम द्वारा मार गिराए गए, जबकि कुछ ड्रोन मिसाइल हमलों के दौरान जमीन पर ही नष्ट हो गए या तकनीकी दुर्घटनाओं का शिकार हो गए। वर्तमान में अमेरिकी सेना के लिए इन ड्रोनों का नया उत्पादन नहीं किया जा रहा है, जिससे नष्ट हुए बेड़े की भरपाई करना पेंटागन के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है।
​इस संघर्ष में अमेरिका के अन्य महंगे लड़ाकू विमानों और सैन्य संपत्तियों को भी भारी नुकसान पहुंचा है, जिनमें चार एफ-१५ई स्ट्राइक ईगल, एक एफ-३५ए लाइटनिंग II, एक ए-१० थंडरबोल्ट II, सात केसी-१३५ स्ट्रैटोटैंकर, और एक एमक्यू-४सी ट्राइटन ड्रोन शामिल हैं। जनरल एटॉमिक्स द्वारा निर्मित एमक्यू-९ रीपर ड्रोन लगभग ३० मिलियन डॉलर की लागत वाला एक अत्यंत उन्नत मानवरहित विमान है, जो युद्ध क्षेत्र में लंबी अवधि तक निगरानी रखने और हेलफायर मिसाइलों व जेडीएएम-गाइडेड बमों से सटीक हमले करने में सक्षम है।
​अमेरिका को हुए इस नुकसान को भारत के लिए भी एक बड़े झटके के रूप में देखा जा रहा है। भारत ने हाल ही में अमेरिका के साथ लगभग ३२,००० करोड़ रुपये (३.५ बिलियन डॉलर) की लागत से ३१ एमक्यू-९बी प्रीडेटर सशस्त्र ड्रोन खरीदने का समझौता किया है। इस सौदे के तहत भारतीय नौसेना को १५ सी-गार्डियन तथा थलसेना और वायुसेना को ८-८ स्काई-गार्डियन ड्रोन मिलने वाले हैं। इन ड्रोनों के भारतीय बेड़े में शामिल होने से हिंद महासागर में समुद्री सुरक्षा और हिमालयी सीमाओं पर चीन व पाकिस्तान जैसी दुश्मन ताकतों की गतिविधियों पर नजर रखने की भारत की खुफिया और निगरानी क्षमता में भारी वृद्धि होगी। हालांकि, युद्ध क्षेत्र में ईरान द्वारा इस ड्रोन की कमियों को उजागर करने के बाद अब इसके सुरक्षा पहलुओं और प्रभावशीलता को लेकर नए सिरे से चर्चा शुरू हो गई है।

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