कोलकाता: न्यूटाउन स्थित नियोतिया भागीरथी वुमन एंड चाइल्ड केयर सेंटर ने हाल ही में एक विशेष बाल विकास केंद्र की शुरुआत की है। बच्चों में बढ़ती विकास संबंधी, तंत्रिका संबंधी और व्यवहार संबंधी समस्याओं को ध्यान में रखते हुए यह केंद्र स्थापित किया गया है, जिससे पूर्वी भारत में बच्चों के लिए समग्र चिकित्सा सेवाएँ और अधिक सुलभ हो सकेंगी।
लगभग २२० बिस्तरों वाली बाल विशेष बहुविशेषज्ञ विस्तार परियोजना के अंतर्गत इस बाल विकास केंद्र की शुरुआत की गई है। उद्घाटन अवसर पर बाल तंत्रिका विज्ञान विशेषज्ञ चिकित्सक इंद्राशिस राय चौधरी और देवप्रिया राय सहित एक बहु-विषयक चिकित्सक दल उपस्थित था।
चिकित्सा संस्थान की ओर से बताया गया कि बच्चों में विकास संबंधी समस्याओं का शीघ्र पहचान और समय पर उपचार अत्यंत आवश्यक है। भारत में बच्चों में तंत्रिका एवं विकास संबंधी रोगों में वृद्धि देखी जा रही है और बड़े शहरों के बाहर समग्र चिकित्सा सेवाएँ सीमित हैं, इसलिए यह केंद्र एक समग्र देखभाल मॉडल के रूप में विकसित किया गया है। यहाँ शून्य से अठारह वर्ष तक के बच्चों के लिए एक ही स्थान पर जाँच, निदान, चिकित्सा, पुनर्वास और दीर्घकालिक विकास सहायता प्रदान की जाएगी।
इस बाल विकास केंद्र में बाल चिकित्सक, तंत्रिका विशेषज्ञ, मनोवैज्ञानिक, भौतिक चिकित्सक, व्यावसायिक चिकित्सक, वाक् चिकित्सक तथा विशेष शिक्षकों की एक बहु-विषयक टीम कार्य करेगी। यहाँ उन्नत निदान, उपचार, तंत्रिका पुनर्वास, विभिन्न आधुनिक चिकित्सा पद्धतियाँ तथा परिवार आधारित सहायता जैसे परामर्श, अभिभावक प्रशिक्षण और दीर्घकालिक विकास योजना प्रदान की जाएगी।
संस्था की ओर से बताया गया कि यह केंद्र बच्चों के लिए सुरक्षित एवं संवेदनशील वातावरण में विकसित किया गया है, जहाँ विकास संबंधी समस्याएँ, शैक्षणिक चुनौतियाँ, व्यवहार संबंधी कठिनाइयाँ तथा प्रारंभिक विकास में देरी का उपचार एवं सहायता प्रदान की जाएगी।
इस अवसर पर अंबुजा नयोतिया स्वास्थ्य पहल के संयुक्त प्रबंध निदेशक पार्थिव नयोतिया ने कहा कि बाल विकास एक दीर्घकालिक एवं समग्र देखभाल का विषय है, जो केवल चरणबद्ध उपचार तक सीमित नहीं है। इस बाल विकास केंद्र के माध्यम से चिकित्सकीय विशेषज्ञता, चिकित्सा, पुनर्वास और पारिवारिक भागीदारी को एक साथ जोड़कर एक पूर्ण सेवा मॉडल विकसित किया जा रहा है।
संस्था ने आशा व्यक्त की है कि यह केंद्र पूर्वी भारत में बाल विकास चिकित्सा के क्षेत्र में एक क्षेत्रीय उत्कृष्टता केंद्र के रूप में स्थापित होगा तथा बच्चों की कार्यक्षमता में सुधार, अभिभावकों की जागरूकता बढ़ाने और समावेशी स्वास्थ्य सेवाओं के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।










