गंगटोक: सिक्किम के ५१वें स्थापना दिवस समारोह के ऐतिहासिक अवसर पर केंद्र सरकार ने राज्य के विकास को एक नई और तेज रफ्तार देने के लिए अपना खजाना खोल दिया है। केंद्रीय पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने सिक्किम के सतत, समावेशी और भविष्य उन्मुख विकास के प्रति मोदी सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए २२३ करोड़ रुपये की लागत वाली २१ विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। भारत के उपराष्ट्रपति सी पी राधाकृष्णन, सिक्किम के राज्यपाल ओम प्रकाश माथुर और मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग की गरिमामयी उपस्थिति में आयोजित इस भव्य समारोह के दौरान राज्य की जनता को बुनियादी ढांचे से लेकर कृषि क्षेत्र तक के कई बड़े उपहार सौंपे गए। अपने संबोधन में केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने सिक्किम की जमकर तारीफ करते हुए इसे एक ऐसा राज्य बताया जहां विकास, प्रकृति, संस्कृति और पहचान के बीच एक अद्भुत और खूबसूरत संतुलन देखने को मिलता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सिक्किम ने जैविक कृषि और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में पूरे देश के सामने एक अद्वितीय और अनुकरणीय मॉडल पेश किया है।
राज्य में यातायात और संपर्क सुविधाओं को मजबूत करने के लिए ४५ करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली सड़क और पुल परियोजनाओं को धरातल पर उतारा गया है। इसके तहत राष्ट्रीय राजमार्ग-१० को जोड़ने वाली महत्वपूर्ण सड़कों के साथ-साथ पाक्योंग जिले में रोंगरोंग नदी पर बने पुल और नामची जिले में रंगपो खोला पर संपर्क कार्यों का उद्घाटन किया गया। इसी कड़ी में क्षेत्रीय संपर्क और पर्यटन को सीधा बढ़ावा देने के लिए उपराष्ट्रपति ने ग्यालशिंग जिले में रिम्बी खोला–युक्सम सड़क सुधार के लिए २४.५२ करोड़ रुपये की एक और महत्वपूर्ण परियोजना की आधारशिला रखी। सिक्किम के नागरिकों को हर मौसम में निर्बाध कनेक्टिविटी का लाभ देने के लिए केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने एक और बड़ी घोषणा करते हुए बताया कि केंद्र सरकार, देश के सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के सहयोग से राष्ट्रीय राजमार्ग-१० के एक वैकल्पिक मार्ग पर भी बेहद तेजी से कार्य कर रही है, जिससे भविष्य में भूस्खलन जैसी समस्याओं के दौरान भी राज्य का संपर्क देश के बाकी हिस्सों से कभी नहीं टूटेगा।
इस खास मौके पर राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था और कृषि क्षेत्र में एक नए युग की शुरुआत करते हुए ३६० करोड़ रुपये के भारी-भरकम बजट वाले महत्वाकांक्षी “मिशन सिक्किम ऑर्गेनिक्स” का भी शंखनाद किया गया। सिक्किम को वैश्विक स्तर पर एक प्रीमियम जैविक अर्थव्यवस्था के रूप में स्थापित करने के उद्देश्य से शुरू किए गए इस मिशन से राज्य के ६६ हजार से अधिक किसान परिवारों को सीधा और बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है। इस योजना की सफलता के लिए उत्तर-पूर्वी क्षेत्र विकास मंत्रालय 85 करोड़ रुपये का विशेष वित्तीय योगदान दे रहा है, जिससे कृषि से जुड़े आधारभूत ढांचे, मार्केटिंग और समन्वय को अभूतपूर्व मजबूती मिलेगी। इसके अलावा सरकार शिक्षा, पेयजल और उद्योगों से जुड़ी कई अन्य महत्वपूर्ण परियोजनाओं को भी तेजी से आगे बढ़ा रही है, जिसमें नामथांग बाजार जल आपूर्ति प्रणाली का विस्तार, रेनॉक और बर्टुक के सरकारी महाविद्यालयों में आधुनिक नए भवनों का निर्माण तथा स्थानीय रोजगार को बढ़ावा देने के लिए एक विशाल बांस औद्योगिक पार्क की स्थापना शामिल है।











