बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद न्याय की नई उम्मीद

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तमन्ना की मां ने भी सीएम शुभेंदु से लगाई न्याय की गुहार

काेलकाता: ​पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद आरजी कर मामले में तीन बड़े आईपीएस अधिकारियों के निलंबन और पूर्व मुख्यमंत्री की भूमिका की जांच के आदेश ने राज्य में अन्य पीड़ितों के परिवारों में भी न्याय की नई उम्मीद जगा दी है। इस कड़ी कार्रवाई के बाद कालीगंज की मृत बच्ची तमन्ना की मां सबीना यास्मिन ने भी नए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से न्याय की गुहार लगाई है। हालिया विधानसभा चुनाव में कालीगंज से माकपा के टिकट पर चुनाव लड़ने वाली सबीना यास्मिन ने कहा कि उन्हें पूरी उम्मीद है कि नई सरकार और नए मुख्यमंत्री उनकी बेटी के मामले को भी गंभीरता से देखेंगे। सबीना यास्मिन ने बताया कि उन्होंने इस संबंध में आरजी कर पीड़िता की मां और नवनिर्वाचित विधायक रत्ना देवनाथ से फोन पर बात की है और उनसे इस मुद्दे को विधानसभा में उठाने का अनुरोध किया है। तमन्ना की मां का कहना है कि उनकी बेटी की मौत उनकी आंखों के सामने हुई थी और इस घटना के सारे सबूत मौजूद हैं, इसलिए आरजी कर मामले की तरह ही तमन्ना की मौत की फाइल भी नए सिरे से खोली जानी चाहिए। उल्लेखनीय है कि पिछले उपचुनाव के बाद停留 तृणमूल कांग्रेस के विजय जुलूस के दौरान हुई बमबारी में चौथी कक्षा की छात्रा तमन्ना की जान चली गई थी, जब टीएमसी समर्थकों ने माकपा कार्यकर्ताओं के घरों को निशाना बनाकर बम फेंके थे। दूसरी तरफ अभया की मां ने भी तमन्ना की मां को पूरा आश्वासन दिया है और कहा है कि वह खुद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से अनुरोध करेंगी कि इस मामले की फाइल भी जल्द से जल्द खोलकर उचित जांच कराई जाए।

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